जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।   

प्रदेश के बड़े वोट बैंक माने जाने वाले ओबीसी वर्ग को साधने के लिए बीजेपी ने बड़ी घोषणा की है। आज दिल्ली में प्रभारी अरूण सिंह ने प्रदेश में भाजपा की सरकार आने पर 7 जिलों में ओबीसी सर्टिफिकेट बनाने की घोषणा की।

7 जिलों में ओबीसी प्रमाण-पत्र बनाने की घोषणा

अरूण सिंह ने कहा कि प्रदेश में 7 जिलों के ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट नहीं बनने के कारण सरकारी नौकरियों में आरक्षण का फायदा नहीं मिल पाता है। प्रदेश में हमारी सरकार बनती है तो हम इन 7 जिलों के ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के भी सर्टिफिकेट बनाएंगे। उन्होंने कहा कि एक तरफ केन्द्र सरकार है, जिसने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का काम किया। केंद्र में 27 मंत्री ओबीसी समुदाय से आते हैं।

वहीं दूसरी ओर राजस्थान की गहलोत सरकार 8 जिलों के ओबीसी वर्ग के जाति प्रमाण-पत्र नहीं बना रही है। जिससे उन्हें सरकारी नौकरियों के साथ-साथ, शिक्षा व अन्य क्षेत्रों में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

भाजपा हमेशा से ओबीसी वर्ग के साथ खड़ी है। राजस्थान में सोती हुई सरकार अगर इन जिलों में ओबीसी सर्टिफिकेट नहीं बनाती है तो हमारी सरकार बनते ही हम सबसे पहले ओबीसी वर्ग को सर्टिफिकेट जारी करने का काम करेंगे।

ओबीसी वर्ग के लिए सड़क पर उतरेगी बीजेपी: अलका गुर्जर

वहीं इस मुद्दे को लेकर दिल्ली के साथ राजधानी जयपुर में भी बीजेपी की राष्ट्रीय मंत्री अलका गुर्जर ने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने 6 प्रदेशों के दौरे किए।

जिसमें राजस्थान भी शामिल है। राजस्थान को लेकर आयोग ने रिपोर्ट दी है कि राजस्थान के 8 जिलों में ओबीसी के सर्टिफिकेट नहीं बनाए जा रहे हैं। जिससे उन जिलों में रहने वाले ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को केन्द्र व राज्य की नौकरियों के साथ-साथ ओबीसी वर्ग को मिलने वाली अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि हम राज्य सरकार से मांग करते है कि वो इन सात जिलों में भी ओबीसी के सर्टिफिकेट बनाए। नहीं तो भाजपा इसके लिए सड़क पर आंदोलन करेगी।

आठ जिले जहां नहीं बनते है ओबीसी के सर्टिफिकेट
अलका गुर्जर ने कहा कि राजस्थान के डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, पाली और सिरोही जिलों में ओबीसी के सर्टिफिकेट नहीं बनाए जाते हैं। इन जिलों में केवल आदिवासी आरक्षण ही दिया जाता है। यहां ओबीसी आरक्षण का प्रावधान नहीं है। लेकिन इन जिलों में 67 लाख ओबीसी की आबादी है और 40 लाख अन्य जातियां हैं। ऐसे में इन जिलों में भी ओबीसी के सर्टिफिकेट बनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद ओबीसी समुदाय से आते हैं। लेकिन इन्होंने आज तक इस ओर ध्यान नहीं दिया।

भाजपा सरकार में भी नहीं बन रहे थे सर्टिफिकेट
प्रदेश के जो जिले टीएसपी क्षेत्र में आते हैं। उन जिलों में ओबीसी आरक्षण लागू नहीं है। ऐसे में वहां के ओबीसी समुदाय को यह सर्टिफिकेट जारी नहीं किए जाते हैं। पिछली भाजपा सरकार में भी यह सर्टिफिकेट जारी नहीं होते थे। इस बारे में जब अलका गुर्जर से सवाल किया गया तो वो जवाब नहीं दे पाई। उन्होंने अपने साथ पीसी में मौजूद भाजपा नेता शैलेन्द्र सिंह धाबाई से पूछा तो उन्होंने इशारों में बताया कि भाजपा सरकार में भी सर्टिफिकेट जारी नहीं होते थे। इस पर अलका गुर्जर ने कहा कि जब जागो तभी सवेरा।