जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 

जेजेएम घोटाले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर सांसद किरोड़ीलाल मीणा पिछले तीन दिनों से धरने पर बैठे थे। लेकिन, गुरुवार सुबह पुलिस उन्हें धरने से उठाकर चाकसू थाने ले गई। जहां पर किरोड़ी के समर्थकों ने थाने के बाहर जमकर हंगामा किया। समर्थकों ने गहलोत सरकार के विरोध में नारेबाजी की।

इससे पहले सुबह किरोड़ी के धरना स्थल से इधर-उधर होते ही पुलिस ने यहां पर लगा टैंट हटवा दिया था। धरना स्थल के आसपास किरोड़ी समर्थकों की गाड़ियों को हटवाकर बैरिकेडिंग कर दी गई थी। वहीं अशोक नगर थाने के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।

जैसे ही किरोड़ी धरना स्थल पर पहुंचने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस पर किरोड़ी सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए। इसके बाद लगातार किरोड़ी लाल से पुलिस ने समझाइश की।

नहीं माने तो पुलिस ने जबरन हटाया

समझाइश के बावजूद भी किरोड़ी लाल मीणा अपनी एफआईआर दर्ज करवाने पर अड़े रहे। तब पुलिस अधिकारियों ने किरोड़ी को जबरन हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें धरनास्थल से दूर ले गई। बताया गया कि पुलिस किरोड़ी और उनके समर्थकों को चाकसू थाने ले गई है।

किरोड़ी बोले 'सांसद के साथ ऐसा व्यवहार'

किरोड़ी लाल मीणा ने इस दौरान कहा कि एक सांसद 48 घंटे से पुलिस थाने के बाहर एफआईआर दर्ज करवाने बैठा है। लेकिन, FIR दर्ज करने की जगह उल्टा मुझे गिरफ्तार किया जा रहा है। गहलोत सरकार के निर्देश पर राजस्थान पुलिस की मेरे खिलाफ यह बर्बरतापूर्ण कार्रवाई है।

राजेन्द्र राठौड़ ने कहा यह दुर्भाग्यपूर्ण

किरोड़ी लाल मीणा को लेकर पुलिस के बर्ताव पर नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने ट्वीट के जरिए बयान जारी किया है। उन्होंने लिखा है कि- राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को जबरन पुलिस हिरासत में लेना निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार की सच्चाई को जनता को बताना कांग्रेस सरकार को इतना नागवार गुजर रहा है कि वह पुलिस के बल पर आवाज को कुचलने का कुकृत्य कर रही है।

अशोक गहलोत हैं तानाशाह: सीपी जोशी

सांसद किरोड़ीलाल मीणा को हिरासत में लेने पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने अशोक गहलोत को तानाशाह बताया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा- तानाशाह अशोक गहलोत, आप किसी जनप्रतिनिधि को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात कहने से और सबूत होने पर FIR लिखवाने से नहीं रोक सकते। जब दाल में कुछ काला होता है, तभी सरकार इतनी भयभीत होती है।

गौरतलब है कि किरोड़ी लाल मीणा जल-जीवन मिशन में कथित घोटाले को लेकर पीएचईडी मंत्री महेश जोशी, एसीएस सुबोध अग्रवाल सहित अन्य अधिकारियों पर मामला दर्ज करवाने आए अशोक नगर थाना पहुंचे थे। लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया। वहीं किरोड़ी के समर्थन में नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ भी पहुंचे थे।


नहीं माने तो पुलिस ने जबरन हटाया

समझाइश के बावजूद भी किरोड़ी लाल मीणा अपनी एफआईआर दर्ज करवाने पर अड़े रहे। तब पुलिस अधिकारियों ने किरोड़ी को जबरन हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें धरनास्थल से दूर ले गई। बताया गया कि पुलिस किरोड़ी और उनके समर्थकों को चाकसू थाने ले गई है।