भीलवाड़ा ब्यूरो रिपोर्ट।
भीलवाड़ा आरएलपी सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मंगलवार को बजरी माफियाओं के खिलाफ कलेक्ट्रेट का घेराव किया और रैली निकाली। वे देर रात तक धरने पर बैठे रहे। इससे पहले मिर्च मंडी में आयोजित सभा में बेनीवाल ने कहा, खान घोटाले के बाद सबसे बड़ा घोटाला बजरी का है।
मैं अब बजरी माफिया का ठेका निरस्त कराऊंगा
500 रुपए टन की रेट ले रहे हैं, इसे कम करवाऊंगा। 20-20 मीटर गहरे नदियों में गड्ढे हैं। मेरी सरकार आई, मैं सरकार का हिस्सेदार बना या मेरे बिना सरकार नहीं बनी तो बजरी माफिया नाम की नई चिड़िया राजस्थान में पैदा नहीं होगी।
उन्होंने कहा, जो बजरी का ट्रक चार से पांच हजार रुपए में आता था वे अब 40 हजार रुपए में मिल रहा है। मैने बजरी वाले को माफिया कहा तो लोगों को तकलीफ हुई लेकिन जो सच है वह रहेगा। बेनीवाल ने मांग की कि भीलवाड़ा जिले में ड्रोन सर्वे कराकर नदियों की स्थिति का पता चले।
खनिज विभाग ठेके को निरस्त करने की अनुशंसा सरकार से करें यही हमारी मांग रहेगी। सभा में अवैध रॉयल्टी के नाकों को हटाने, लीज के नाम पर अवैध स्टोक करके राजस्व हानि पहुंचाने सहित कई मुद्दे उठाए। भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग, खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल, सहाड़ा से प्रत्याशी रहे बद्रीलाल जाट सहित कई पदाधिकारियों ने सभा को संबोधित किया।
जिले की सीमा में प्रवेश से लेकर भीलवाड़ा में आने तक बेनीवाल का कई जगह जेसीबी से फूल बरसाकर स्वागत किए। पेपर लीक: आरपीएससी में कटारा ने सब इंस्पेक्टर के इंटरव्यू लिए। यह पेपर भी रद्द होना चाहिए। वसुंधरा सरकार में भी 12 से ज्यादा भर्तियां रद्द हुई थी और आरपीएससी का चेयरमैन गिरफ्तार हुआ था।
इस सरकार में किसी नेता ने पेपर लीक के खिलाफ नहीं बोला। वसुंधरा: वसुंधरा को सात-समंदर पार ललित मोदी के पास कोई गजेंद्रसिंह या ओम बिड़ला ने नहीं भेजा। वे तो बेनीवाल की वजह से यहां से गई। वसुंधरा ने मेरे गार्ड ले लिए। पासपोर्ट व हथियार ले लिए लेकिन मैने इसकी चिंता नहीं की। आज वे मायुषी की जिंदगी जी रही हैं।
गहलोत: सरकार ने कर्ज माफ नहीं किया।
राहत कैंप के नाम पर खानापूर्ति है। कुछ लोग मानेसर भीलवाड़ा। दोपहर में सभा में तीर चलाते हनुमान बेनीवाल एवं कलेक्ट्रेट के बाहर देर रात तक समर्थकों के साथ धरने पर बैठे बेनीवाल। चले गए। दिल्ली वाले ईडी व राजस्थान में एसीबी से डरा रहे हैं। मंत्रियों ने पंद्रह-पंद्रह सीम ले रखी हैं।
वसुंधरा व गहलोत मिले हैं, इसकी पुष्टि खुद गहलोत ने की है। जिले के नेता: भीलवाड़ा सांसद बहेड़िया मिलते हैं लेकिन मस्ती में मस्त रहते हैं। ज्यादा बोले तो टिकट कट जाता है। भाजपा के सांसद पार्टी की इमरजेंसी में जी रहे हैं। भाजपा के सांसद किसी मुकदमे की तफ्तीश नहीं बदला सकते हैं और न ही कोई गाड़ी छुड़वा सकते हैं।
यहां के कांग्रेस व भाजपा के नेता माफियाओं से मिले हुए हैं। पहले भी एक मंत्री को बीच सरकार में जाना पड़ा। भाजपा के एक विधायक जो पुराने हैं। वे मेवाड़ मिल के पीछे पड़े थे। भाजपा सरकार में मैने पूछा तो बोले-हमारी तो बैठकर बात हो गई। और मकसद सत्ता... इस बार मारवाड़ अच्छा करेगा। 20 सीट जीतेंगे।
भाईयों आप भी 1-1, 2-2 सीट देना। सरकार बनाएंगे या हिस्सेदार बनेंगे। यह मुद्दे उठे: जिंदल सॉ लिमिटेड और आगूंचा माइंस में स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाने, पुर के मकानों में खनन के कारण दरारें आने, बिजौलियां में 227 बीघा जमीन घोटाले की जांच कराने सहित करेड़ा में जमीन आवंटन घोटाले के जांच की मांग भी रखी।


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