जोधपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान के चर्चित ANM भंवरी देवी हत्याकांड में शव को ठिकाने लगाने वाला हिस्ट्रीशीटर विशनाराम पुलिस के हाथों से बचकर निकल गया। हालांकि उसके ड्राइवर को पुलिस ने दबोच लिया। साथ ही हिस्ट्रीशीटर की फॉर्च्युनर को भी जब्त कर लिया। जोधपुर ग्रामीण एसपी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि जोधपुर पुलिस की ओर से फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है। हम लगातार फरार अपराधियों की टॉप 10 सूची जारी कर रहे हैं। इस अभियान के तहत अपराधियों की धरपकड़ की जा रही है।
बता दें कि भंवरी कांड में 10 साल जेल काटने के बाद 2021 में हिस्ट्रीशीटर विशनाराम जमानत पर रिहा हुआ था। रिहा होने के बाद एक बार फिर वह अपराध की दुनिया में सक्रिय हुआ। लेकिन तब तक उसके इलाके में राजू मांजू की गैंग सक्रिय हो चुकी थी। विशनाराम और राजू मांजू की गैंग में रंजिश हो गई।
नवंबर 2021 में एक शादी समारोह में जोधपुर ग्रामीण के गांव गिलाकोर में विशनाराम का सामना राजू मांजू से रहो गया था। दोनों में झगड़ा हो गया। इस दौरान कई गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस घटना के बाद से पुलिस को विशनाराम की तलाश थी।
जोधपुर ग्रामीण एसपी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि सोमवार को ही हिस्ट्रीशीटर विशनाराम पर जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने 25 हजार का इनाम रखा था। पुलिस को मंगलवार को सूचना मिली कि विशनाराम फलौदी थाना इलाके के मंडला खुर्द इलाके में है।
सूचना पर भोजासर थाना पुलिस ने दोपहर 1 बजे के करीब इलाके के रास्तों पर नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद बिना नंबर प्लेट की एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो मंडला खुर्द की नाकाबंदी से गुजरी। पुलिस ने स्कॉर्पियो को रुकने का इशारा किया तो ड्राइवर कार को भगा ले गया।
इसके बाद भोजासर पुलिस की टीम ने स्कॉर्पियो का पीछा किया। ग्रामीण एसपी ने कहा कि स्कॉर्पियो में हिस्ट्रीशीटर विशनाराम और उसका साथी ड्राइवर श्रवणराम (20) था। पुलिस ने कार रुकवाने के लिए स्कॉर्पियो पर 12 राउंड फायर किए और चलती कार के टायर पर फायर किया। इस दौरान विशनाराम मौके से फरार हो गया जबकि कार से उतरकर भागने की फिराक में ड्राइवर श्रवण कुमार का पैर फैक्चर हो गया।
भोजासर पुलिस शाम 4 बजे घायल श्रवणराम को लेकर फलौदी जिला हॉस्पिटल पहुंची। जहां उसका इलाज किया जा रहा है। पुलिस श्रवणराम निवासी गांव कोजा, पुलिस थाना धोरीमन्ना बाड़मेर को का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। उसे हिरासत में लिया गया है। साथ ही फरार हुए हिस्ट्रीशीटर विशनाराम की तलाश कर रही है।
विशनाराम का भंवरी हत्याकांड में क्या था रोल
ड्यूटी से गायब रहने वाली एएनएम भंवरी को जब नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया तो उसने मंत्री-विधायक से संपर्क किया। नौकरी पर बहाल हुई तो बोल-चाल बढ़ी। महत्वकांभी भंवरी के मंत्री विधायक से संबंध बन गए। इसके बाद ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू हुआ। दावा किया कि उसके पास तत्कालीन मंत्री महिपाल मदेरणा और लूणी विधायक मलखान सिंह की सेक्स सीडी है। सीडी हासिल करने के लिए और भंवरी को रास्ते से हटाने के लिए साजिश रची गई।
साजिश के सूत्रधार- सोहनलाल, शहाबुद्दीन व बलदेव
जांच के अनुसार 1 सितंबर को सोहनलाल ने भंवरी को बिलाड़ा बुलाया। सोहनलाल,शहाबुद्दीन व बलदेव ने भंवरी को किडनैप किया। कार में ही गला घोंट दिया और नेवरा रोड पर दूसरी गैंग विशनाराम को सौंप दिया।
सबूत मिटाने वाले किरदार- विशनाराम, ओमप्रकाश, कैलाश
विशनाराम उस वक्त लोहावट का हिस्ट्रीशीटर था। उसे कहा गया था कि लाश ठिकाने लगा दी तो उस पर लगे चार्ज हटा दिए जाएंगे। विशनाराम का भाई ओमप्रकाश व एक अन्य कैलाश ने पहले से शव को जलाने का इंतजाम कर रखा था। देर रात वे शव को जालोड़ा में अपने गांव से निकल रही नहर (राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल) के पास ले गए। वहां गड्ढे में लकड़ियां पेट्रोल डाल शव को आग लगा दी। शव की राख व हडि्डयों के टुकड़े नहर के पानी में बहा दिए। फिर गड्ढे की मिट्टी खोदकर नहर में डाल दी।
इस मामले में महिपाल मदेरणा, मलखान सिंह समेत 17 लोग 10 साल की जेल काट चुके हैं। 2021 में आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी।


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