अलवर ब्यूरो रिपोर्ट।
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र की बीजेपी सरकार को पुलवामा हमले को लेकर कटघरे में खड़ा किया। साफ शब्दों में कहा कि पुलवामा में मारे गए हमारे जवानों की लाश पर बीजेपी चुनाव जीतकर आ गई।
उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले की जांच नहीं हुई तो जवानों की लाश पर ही सरकार भस्म हो जाएगी। मलिक रविवार को अलवर में आयोजित जाट समाज के जन चेतना समारोह में भाग लेने आए थे।
इस दौरान मलिक ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि देश के लिए मैडल लाने वाली बेटियों को न्याय मिलने की इस सरकार से उम्मीद नहीं की जा सकती। अब तो जन-जन के आक्रोश से यह तय होगा कि जालिम मजबूत होता है कि इसके खिलाफ लड़ने वाले।
मुझे नहीं लग रहा है कि सरकार कुछ ऐसा करने वाली है कि बेटियों के आंसू पूछे जाएंगे। मैंने तो सुझाव दिया है कि सरकार नहीं माने तो बेटियों को राजस्थान में लेकर आएंगे।
राजस्थान में केंद्र सरकार की नस दबेगी
मलिक ने कहा कि अब राजस्थान में केंद्र सरकार की नस दबी हुई है। जिस दिन दिल्ली में जनपथ पर बेटियों को घसीटा गया। तब राजस्थान के हजारों परिवारों में खाना नहीं बना था। ये बेटियां राजस्थान में जनता के बीच में आएंगी।
पहले जयपुर से समाज के लोग गए भी थे। लेकिन बीच में बात में फंस गई थी। अब बेटियों के राजस्थान में आने की तारीख मिली तो दुबारा अलवर में आएंगे। फिर ऑडिटोरियम में नहीं खुले में सभा करेंगे। लोग बहुत गुस्से में हैं।
सरकार मिटाने में जुटी
उन्होंने कहा कि सही बात तो यह है कि केंद्र सरकार किसानों को मिटाने में जुटी है। उन्होंने एमएसपी लागू नहीं किया। किसानों ने आंदोलन किया तो 700 लोगों की मौत हो गई और सरकार का कोई जवाब आया। जबकि कुतिया भी मरती है तो शोक संदेश आता है।
उस समय मैं दुखी था। गर्वनर होने के कारण इस्तीफा जेब में रखकर प्रधानमंत्री से मिलने चला गया। तब मैंने प्रधानमंत्री से कहा था कि किसानों को चार महीने हो गए। कुछ समाधान करो। लेकिन प्रधानमंत्री ने बात को समझा ही नहीं। मैंने खूब कहा था कि बातचीत कर हल निकालो। लेकिन आखिर में कानून रद्द करने पड़े।
अडाणी का पैसा मोदी का
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने एमएसपी को कानूनी दर्जा देने की बात कही। लेकिन आज तक नहीं दिया। आगे देंगे भी नहीं। क्यों कि अडाणी का पूरा रुपया मोदी का है। अडाणी ने गुड़गांव में गोदाम बना लिए। सस्ता अनाज खरीद लिया है। महंगा होने पर बेच देंगे। इसलिए मुझे लगता नहीं कि एमएसपी को कानूनी दर्जा देंगे। इसलिए किसानों को एक लड़ाई और लड़नी पड़ेगी।
पहले खेती खत्म करने का डिजाइन था कृषि कानून
आपकी खेती खत्म करने का पहले कृषि कानून बनाकर डिजाइन तैयार कर लिया था। लेकिन किसानों के आगे सरकार को कानून वापस लेने पड़े। उसके बाद अग्निवीर लेकर आ गए। जिसमें युवाओं को कोई भविष्य नहीं है।
कर्मचारियों की पेंशन योजना को खत्म कर दी। उसे लागू कराना पड़ेगा। पुलवामा हमले को लेकर कहा कि मैं जब गर्वनर था। तब उसी दिन बोला था कि यह गृह मंत्रालय का फेलियर है। चैनल को इंटरव्यू तक उसी दिन दिया था।
रिपोर्ट के अनुसार जवानों को जहाज से भेजना चाहिए था। लेकिन गृह मंत्रालय में उनकी कई महीनों से फाइल अटकी पड़ी रही थी। उसमें हमारे 40 जवान शहीद हो गए। तीसरे दिन उसे चुनाव का मुद्दा बना दिया।
उन जवानों की लाश से चुनाव जीत कर आए। मैं कहूंगा कि जरा भी जवानों के प्रति हमदर्दी है तो इस बात की सजा दी जानी चाहिए। या तो जांच कराएं। या तुम उनकी लाश के साथ ही भस्म हो जाएंगे।
जाट समाज का आह्वान: अगली बार सीएम होगा अपना
जाट समाज के कार्यक्रम में सिविल सर्विसेज में चयनितों को सम्मानित किया गया। समाज के नेताओं ने कुरीतियों को छोड़ने का आह्वान किया। जाट समाज के गरीब परिवारों की सहायत करने की बात कही। वहीं राजनीति में आगे प्रदेश में जाट समाज का मुख्यमंत्री बनाने का आह्वान किया।
पूर्व राजयपाल ने कहा कि एकता रही तो अगली बार जाट समाज का ही मुख्यमंत्री बनेगी। पहले भी ऐसे मौके आए। लेकिन आपसी फूट के कारण कुर्सी हाथ से निकल गई थी। इस बार हम पूरी ताकत दिखाएंगे। दोनों पार्टियों में हमारी पकड़ है। अच्छे लोगों को टिकट दिलाकर उतारेंगे।
कार्यक्रम विधायक दीपचंद खैरिया, मंजी चौधरी, जिला प्रमुख बलवीर सिंह छिल्लर, पूर्व विधायक राजेंद्र गंडूरा, जाट समाज के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह, राजस्थान विश्विद्यालय के अध्यक्ष निर्मल चौधरी सहित बड़ी संख्या में सरपंच, पार्षद व अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम के आयोजक जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर की सबने तारीफ की। छिल्लर ने कहा कि समाज के सब संगठनों को एक मंच पर लेकर आएंगे।


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