जोधपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 

मंत्रालयिक कर्मचारियों की 64 दिनों की लंबी हड़ताल टूटने के बाद अब सरकारी कार्यालयों में भारी भीड़ उमड़ रही है। कामकाज फिर शुरू होने से आम लोगों को जहां राहत मिली, वहीं कर्मचारियों के सामने इतने दिनों की पेंडेंसी निपटाने की चुनौती है। इन दो महीनों में 30 से अधिक मुख्य विभागों की पेंडेंसी बहुत बढ़ गई थी। हड़ताल के बाद पहले दिन मंगलवार को ज्यादातर सरकारी दफ्तरों में बाबुओं का पहला दिन कुर्सी टेबल व फाइलों की सार संभाल में ही गुजरा था। दूसरे दिन बुधवार को कार्यालयों में कामकाज कराने वालों की भीड़ भी नजर आई।

विभागीय कामकाज व अन्य प्रकरणों से जुड़ी करीब 2 हजार फाइलों की पेंडेंसी बढ़ने से कामकाज को पटरी पर लाने में एक माह का समय लग जाएगा। लिहाजा, आमजन को फिलहाल राहत धीरे-धीरे मिलेगी। बुधवार को भास्कर ने जिला मुख्यालय के कई दफ्तरों में पड़ताल की, तो हड़ताल से प्रभावित कामकाज का आंकड़ा चौंकाने वाला सामने आया। मसलन, 30 से अधिक मुख्य सरकारी कार्यालयों में करीब 2 हजार फाइलों की पेंडेंसी पड़ी हैं। राजस्व संघ के जिला अध्यक्ष अनिल सक्सेना ने बताया कि बुधवार से सभी दफ्तरों में पूर्व की भांति कामकाज शुरू हो गया। कर्मचारी संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हरीश व्यास ने बताया कि आंदोलन अवधि में लिए गए सामूहिक अवकाश अलग से आदेश जारी होंगे।

रजिस्ट्री, पट्‌टे, पेंशन, जाति, मूल निवास, जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वालों का तांता
उप पंजीयक कार्यालय में औसतन मासिक रजिस्ट्रियां होती थी, जो हड़ताली दिन में एक चौथाई भी नहीं हो पाई। कामकाज बाधित होने के साथ ही राजस्व आय में भी भारी गिरावट आई। रजिस्ट्री, पेंशन, जाति,मूल निवास, जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, मनरेगा, नकलें, रूपांतरण, न्यायिक, पट्टे, योजनाओं के निर्माण एवं विकास कार्य, आपदा प्रकरण सहित अनेक कार्यों की पेंडेंसी बढ़ गई थी। इन कार्यालयों में इन कामों के लिए आने वालों की भीड़ उमड़ रही है। कर्मचारियों के आने से कलेक्ट्रेट, शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग, रसद विभाग, आरटीओ, डीटीओ, सेल टैक्स, सहकारिता, समाज कल्याण, यूडीएच व पंचायती राज विभाग के कार्यालयों में सन्नाटा हट गया।

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