संजीवनी क्रेडिट ऑपरेटिव साेसायटी के 900 कराेड़ से अधिक के घाेटाले के मामले में सीएम अशाेक गहलाेत और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच खींचतान जारी है। गजेंद्र ने जहां गहलोत पर मानहानि का केस दर्ज किया है, वहीं गहलोत कई दिनों से घोटाले के पीड़ितों से मिल रहे हैं। इस बीच, जोधपुर कमिश्नरेट में इस घोटाले से जुड़े 38 मुकदमे इसी सप्ताह दर्ज हुए हैं। इसमें पूर्व जिले के 3 थानों में 17, पश्चिम के 5 थानों में 21 मामले दर्ज हैं। यानी रोज औसतन 5 केस। जल्दबाजी में दर्ज की गई एफआईआर में कई मोबाइल नंबर गलत लिखे हैं। किसी में परिवादी की जगह थानाधिकारी ने अपना मोबाइल नंबर लिखा है तो कहीं 9999999999 लिखा है। यही नहीं, अधिकांश थानों की एफआईआर को ऑनलाइन नहीं किया गया है। जबकि नियमानुसार, उन्हीं मामलों को ऑनलाइन नहीं किया जाता, जो या तो महिला उत्पीड़न से संबंधित हों या जाति सूचक शब्दों से जुड़े हों।
2 बड़े सवाल
1. इतनी गलत जानकारियां, क्या एफआईआर फर्जी हैं?
2. एफआईआर सही हैं तो यह पीड़ितों के साथ अन्याय नहीं?
एफआईआर रमेश के नाम से, नंबर देवनगर एसएचओ के
परिवादी चौहाबो 18/E निवासी रमेश माथुर ने 22 मार्च को देवनगर थाने में रिपोर्ट दी। बताया कि 30 अक्टूबर 2018 को 51 महीने की सावधि जमा योजना के तहत 1.50 लाख रुपए जमा करवाए थे।
उन्हें 2.70 लाख रु. मिलने थे। पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट के आधार पर मामला तो दर्ज किया, लेकिन एफआईआर में मोबाइल नंबर थानाधिकारी जयकिशन सोनी का लिखा है।
महामंदिर थाने में 6 मामले दर्ज, 5 में एक भी सही नंबर नहीं है
पूर्व जिले के महामंदिर थाने में भी निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के 6 मामले दर्ज हुए। 25 मार्च को एक के बाद एक लगातार 5 मामले अलग-अलग परिवादियों ने दर्ज करवाए।
जिसमें से एक भी एफआईआर में परिवादी के सही मोबाइल नंबर नहीं लिखे। पांच एफआईआर में परिवादियों के मोबाइल नंबर 9999999999 लिखे गए। एक मामला 29 मार्च को दर्ज किया गया। इसमें परिवादी का मोबाइल नंबर ही नहीं लिखा।
सभी परिवाद पुलिस मुख्यालय में थे। वहां से कमिश्नर ऑफिस से डीसीपी ऑफिस होकर हमारे पास आए हैं। अब मामला दर्ज किया है। अब परिवादियों के मोबाइल नंबर लेंगे।
- हरीश कुमार सोलंकी, थानाधिकारी, महामंदिर थाना
पता नहीं कि मेरा नंबर एफआईआर में कैसे आया। मेरे थाने में 3 मामले दर्ज हैं। तीनों ही परिवादियों से मेरी बात हो गई। गलत नंबर जानबूझकर नहीं लिखे गए हैं।
- जयकिशन सोनी, थानाधिकारी देवनगर
संजीवनी घोटाले के मामलें में दर्ज हुई एफआईआर में गलती से मोबाइल नंबर लिख दिए गए होंगे। फिर भी चेक करवा लेंगे।
- रविदत्त गौड़, पुलिस कमिश्नर, जोधपुर


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