भरतपुर ब्यूरो रिपोर्ट।  

राजस्थान में विधानसभा चुनाव से 7 महीने पहले ही भारतीय जनता पार्टी एक्शन मोड में आ गई है। शनिवार को भरतपुर में बीजेपी के बूथ अध्यक्ष संकल्प महासम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसमें गृह मंत्री अमित शाह मुख्य वक्ता के तौर पर मौजूद रहेंगे। इस दौरान शाह भरतपुर संभाग के 4700 बूथ और 1600 शक्ति केंद्र के 25,000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा कर चुनावी रणनीति बनाएंगे।

दरअसल, 2018 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को भरतपुर संभाग में करारी शिकस्त मिली थी। 19 विधानसभा सीट वाले भरतपुर संभाग बीजेपी सिर्फ एक सीट पर जीत दर्ज कर पाई थी। ऐसे में बीजेपी आलाकमान ने अमित शाह को भरतपुर संभाग को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी है। वहीं अमित शाह के दौरे से पहले आज बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी और नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने भरतपुर पहुंच तैयारियों का जायजा लिया।

इस दौरान सीपी जोशी ने कहा कि कांग्रेस में कुर्सी के लिए नेता आपस में झगड़ रहे है। कोई कुर्सी पाना चाहता है, तो कोई कुर्सी छोड़ना नहीं चाहता। यह उनके परिवार का मामला है। जिसमें हम लोग बोलें तो ठीक नहीं है लेकिन पूर्व बीजेपी सरकार पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। कोर्ट ने उन्हें खारिज कर दिया। सचिन खुद डेढ़ साल तक उपमुख्यमंत्री रहे थे। तब इन मामलों पर उनको एक्शन लेना चाहिए था। तब उन्होंने चुप्पी साधी क्योंकि कहीं पर निगाहें, कहीं और निशाना।

नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि पायलट का प्लेन कई दिनों से खुद ऑटो पायलट मोड पर उड़ रहा है। वह कहां लैंड होगा, क्रैश होगा, कहां उतरेगा, वह समय बताएगा या खुद बता सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब चुनाव से 7 महीने पहले चाय के प्याले में तूफान पैदा करना चाहते हैं। अगर उनके पास कोई प्रमाण हो तो वह चुप क्यों रहे, विधानसभा में क्यों नहीं बोले, उनका निशाना सीधा अशोक गहलोत की तरफ है। जिन्होंने उन्हें नाकारा निकम्मा कहा था। बता दें कि इससे पहले अमित शाह फरवरी में राजस्थान आने वाले थे लेकिन संगठन में फेरबदल की वजह से उनका राजस्थान दौरा टल गया था।