झालावाड़ ब्यूरो रिपोर्ट।  

झालावाड़ शहर के राड़ी के बालाजी मंदिर परिसर के समीप बने रावण दहन स्थल पर मंदिर समिति की ओर से चैत्र पूर्णिमा की दशमी के अवसर पर शुक्रवार देर शाम 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इसको देखने के लिए पूरा शहर उमड़ा। इससे पहले शहर में शोभायात्रा निकाली गई, जिसका जगह-जगह स्वागत किया। साथ ही अखाड़े का प्रर्दशन भी हुआ। शोभायात्रा शहर के प्रमुख बाजारों से होते हुए राड़ी के बालाजी पर पहुंची।

नवरात्रों के दौरान राड़ी के बालाजी पर 9 दिन तक धार्मिक आयोजन होते हैं। दसवें दिन शहर में शोभायात्रा निकाली गई, जिसका जगह जगह स्वागत किया। साथ ही अखाड़े का प्रर्दशन भी हुआ। शोभायात्रा शहर के प्रमुख बाजारों से होते हुई राड़ी के बालाजी पर पहुंची। जहां इसकी पूजा अर्चना के बाद रावण दहन किया गया। इस बार 35 फीट का रावण दहन किया गया।

यूं तो देशभर में रावण दहन की जानकारी वर्ष में केवल एक बार ही सामने आती है, लेकिन झालावाड़ में 1 वर्ष में दो बार रावण दहन की परंपरा है, जो करीब 60 सालों से जारी है। झालावाड़ में वर्ष में दो बार आने वाले नवरात्रि में रावण दहन कार्यक्रम आयोजित होता है। जानकारी के अनुसार साल में दो बार रावण मारने की परंपरा देशभर में झालावाड़ में ही निभाई जाती है। सवा 8 बजे रावण दहन किया।

शोभायात्रा निकाली
शहर के पंचमुखी बालाजी मंदिर से शोभायात्रा शुरू हुई, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए राड़ी के बालाजी मंदिर रावण दहन स्थल पहुंची। यहां स्वागत कार्यक्रम के बाद राम के पात्र ने रावण दहन की परंपरा निभाई। इस अवसर पर खानपुर विधायक नरेंद्र नागर, मनोहरथाना विधायक गोविंद रानीपुरिया, मंडल अध्यक्ष चंद्रमोहन धाभाई, झालावाड़ वाईएसपी बृजमोहन मीणा, शहर कोतवाल चंद्रज्योति शर्मा मौजूद रहे।