जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 

चूँकि याचिकाकर्ता अपने बेटे और बहू से पहले ही सम्बन्ध तोड़ चुके थे और और उन्होने इसकी सूचन भी सार्वजानिक कर दी थी ऐसे में हाई कोर्ट ने दहेज़ प्रताड़ना के एक मामले में आगे कार्यवाही पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता को जांच में पूरा सहयोग करने को नॉर्डेशित किया है।  अदालत ने पुत्र वधु को भी नोटिस जारी कर जवाब तालाब किया है।  याचिकाकर्ता चंद्रश जैन व अन्य की आपराधिक याचिका पर यह आदेश जस्टिस बीरेंद्र कुमार ने दिए।  याचिका में अधिवक्ता प्रवीण बलवदा और अधिवक्ता भावना चौधरी ने ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता की पुत्र वधु मीनल जैन ने किशनगढ़ के मदनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज करवा कर ससुराल पक्ष पर दहेज़ प्रताड़ना के आरोप लगाए थे।  याचिका में इस रिपोर्ट को झूठा बताया गया।  याचिकाकर्ता सितम्बर 2020 में अपने बेटे और बहू को संपत्ति से बेदखल कर चूका था और उनसे अपने सम्बन्ध समाप्त कर लिए थे।  जबकि झूठी रिपोर्ट 26 फरवरी 2023 को दर्ज करवाई गई।