जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
एसीएस माइनिंग एवं पेट्रोलियम सुबोध अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान परंपरागत खनिजों के अलावा सोने, प्रेशियस व् सेमी प्रेशियस स्टोन, यूरेनियम, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, पोटाश वगैरह की खोज एयर खनन के काम को तेज गति से करते हुए विश्व मानचित्र पर अपना स्थान बना रहा है। अग्रवाल ने बताया कि इसके अलावा एमराल्ड, रुबी,कोरंडम, गारनेट, और एमेथिस्ट जैसे बेशमकीमती खनिजों की खोज के काम को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य के टोंक, अजमेर, जयपुर, भीलवाड़ा, उदयपुर और दौसा जैसे जिलों में इन खनिजों के होने की प्रबल संभावना को देखते हुए काम तेज किया जा रहा है। अग्रवाल अपने विभाग की मासिक वर्चुअल बैठक में अधिकारीयों को नवाचारों के बारे में बता रहे थे। इस अवसर पर जियोलॉजिस्ट इरशाद खान और सुशिल कुमार ने राज्य में सोने के खनन की संभावनाओं पर पीपीटी प्रेजेंटेशन दिया। एसीएस अग्रवाल ने प्रेजेंटेशन देखने के बाद इसकी कॉस्टिंग निकलने के निर्देश दिए। उन्होने इस तरह के संवाद को बहुत उपयोगी बताया। अग्रवाल ने कहा सीएम गहलोत के निर्देशों के बाद राज्य में खनन में नवचारों के साथ काम किया जा रहा है। हाल ही में ख़त्म हुए वित्तीय वर्ष में विभाग ने राजस्व ार्जन का रिकॉर्ड कायम किया है। इस अवसर पर बोलते हुए माइंस निदेशक सन्देश नायक ने कहा कि खनिज एक्सप्लोरेशन को तेज गति से करने के लिए एक विस्तृत रोड मैप बनाकर कार्य किया जाएगा ताकि तय समय सीमा में लक्ष्य हासिल किए जा सकें। इससे ना केवल राजस्व अर्जित होगा, आयात पर निर्भरता घटेगी बल्कि विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।


0 टिप्पणियाँ