जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की ओर से रविवार को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में केसरिया महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। स्टेडियम को केसरिया झंडों से सजाया गया है। महापंचायत की शुरुआत पद्मश्री त्रिवेणी धाम के राम रिछपाल दास महाराज के संबोधन से हुई।
महापंचायत में यूपी के केसरगंज से विधायक बृज भूषण सिंह, यूपी में श्रम एवं सेवा योजना मंत्री रघुराज प्रताप सिंह, निम्स यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर डॉ पंकज सिंह, गलता गेट के सियाराम दास महाराज, गोपाल दास महाराज, पंचमुखी हनुमान जी के महंत रामरज दास और सांवल दास की बगीची से सियाराम महाराज पहुंचे। महापंचायत में हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई।
महापंचायत में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने कहा कि ये राजनीति का मंच नहीं है। साधु संत बैठे हैं। सभी मंत्री-विधायकों को बुलाया गया है। कुछ मुद्दों और मांगों के लिए महापंचायत बुलाई है। सीएम अगर कोई मांग मानते हैं, उनके लिए भी मंच खुला है।। हमारी प्रमुख मांग है कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण के कोटे को 10 से बढ़ाकर कर 14 प्रतिशत किया जाए। आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को केंद्र की भर्तियों में जगह मिले। साधु संतों के लिए वकीलों की तर्ज पर कानून बने।
क्षत्रिय जन कल्याण बोर्ड का गठन हो
गोगामेड़ी ने क्षत्रिय जन कल्याण बोर्ड के गठन की मांग उठाई। उन्होंने कहा- महापंचायत में अकेले क्षत्रिय नहीं हैं। इनमें ईडब्ल्यूएस धारी भी हैं। हम चाहते हैं एक भारत, एक कानून हो। पहले 565 वीआईपी होते थे। आजकर 6 लाख वीआईपी हो गए। मध्यम वर्ग के लोगों के टैक्स से उनका फोन और घर चलता है।
गोगामेड़ी ने बताया- यह कार्यक्रम कई मायनों में ऐतिहासिक है। इसमें प्रदेश भर के सर्व समाज से लाखों की संख्या में बच्चे बूढ़े और महिलाएं शामिल हुए हैं। अपने हक और अधिकार की मांग कार्यक्रम के माध्यम से रखा।
इतिहास से छेड़छाड़ पर हो कार्रवाई
गोगामेड़ी ने कहा- हमारे समाज के इतिहास और महापुरुषों कि पहचान को तोड़मरोड़ अथवा अन्य किसी समाज का बता कर पेश करने वालों के विरुद्ध संवैधानिक कार्रवाई का अधिकार दिया जाए। उन्होंने कहा- आज कई लोग ऐसे हैं। जो महापुरुषों के ऊपर भी दावा ठोक देते हैं। श्रीराम हमारे थे। महाराणा प्रताप हमारे थे। पृथ्वीराज हमारे थे। उनका पुरातत्व विभाग में पूरा रिकॉर्ड है। सरकार को हस्तक्षेप करके ऐसे लोगों को रोकना चाहिए। यह हमारी प्रमुख मांग है।
आनंदपाल एनकाउंटर के समय दर्ज मुकदमे वापस हो
उन्होंने कहा कि आनंदपाल एनकाउंटर प्रकरण में समाज के कई नेताओं और युवाओं पर जो मुकदमे दर्ज हुए थे। उनमें राज्य सरकार ने कई मुकदमे वापस ले लिया। बाकी सीबीआई को रेफर कर दिए थे। हम चाहते हैं, केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर सभी मुकदमे वापस ले।
सरकार को चेतावनी भी
उन्होंने कहा- हम सीएम की मांग नहीं उठा रहे हैं। जो सीएम जनता बना देगी। वह पूरे राजस्थान और क्षत्रियों का रहेगा। हम यह जरूर कहते हैं कि अबकी बार जो राजनीति है। वह हमारे गलियारे से होकर गुजरे।
तीन मंच बनाए
कार्यक्रम में तीन मंच बनाए गए। इनमें एक मंच पर साधु संत बैठे। उसके अलावा दूसरे मंच पर अन्य संगठनों के प्रमुख व्यक्ति मौजूद रहे।वहीं तीसरे मंच पर सवर्ण संगठन के साथ सारे वीआईपी गेस्ट मौजूद रहे।



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