जोधपुर शहर के गौशाला मैदान के पास में ट्रांसजेंडर समुदाय कटा हुआ। कई खेल खेले और डांस किया। अपने अधिकार जाने और कानून की बारीकियां भी सीखी। यह मौका था इंटरनेशनल ट्रांसजेंडर्स विजिबिलिटी डे पर संभली ट्रस्ट और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से हुए अनूठे आयोजन का।
ट्रांसजेंडर समुदाय पर अब तक सिर्फ डराने के ही आरोप लगते आए हैं लेकिन किन्नर समुदाय से जुड़े लोगों पर भी आए दिन अपराध होते हैं और इनकी सुनवाई भी कहीं नहीं है। इनके साथ छेड़छाड़, मारपीट और कई लैंगिक अपराध भी होते हैं। ट्रांसजेंडर समुदाय के इन लोगों ने अपनी पीड़ा भी इस अनूठे महीने में रखी।
क्या रही इस इवेंट की खासियत
सैकड़ों की संख्या में ट्रांसजेंडर जोधपुर में जुटे। पहली बार इनके बीच में चम्मच रेस और कई रोचक प्रतियोगिताएं हुई। कई लॉ के एक्सपर्ट आए और ट्रांसजेंडर पर जो अपराध होते हैं इनके बारे में जानकारी दी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक अनिल व्यास, डॉ दौलतराम और एडवोकेट शिवानी सिंह के पैनल ने एक्सपर्ट के रूप में चर्चा की। ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी श्यामा तवर ने आभार जताया।
ट्रांसजेंडर्स की छवि बदलने की जरूरत
अब तक ट्रांसजेंडर्स की छवि लोगों में या तो भय की है या उन पर बहुत ज्यादा अत्याचार किया जाता है। लेकिन ट्रांसजेंडर्स को समाज में कहीं भी बराबरी का दर्जा नहीं दिया जाता। संभली ट्रस्ट के वीरेंद्र सिंह बताते हैं कि इस प्रकार के इवेंट करके इसी बराबरी की सोच को डेवलप करना है।
हर रविवार जुटते है LGBTQ कम्युनिटी के लोग
संभली ट्रस्ट के संस्थापक गोविंद सिंह ने बताया कि हर रविवार को एक अनूठी पहल भी की जाती है। लेस्बियन, गे, बाइ सेक्सयूएल, ट्रांसजेंडर यानि LGBTQ कम्युनिटी के लोग जुटते हैं। इस कम्युनिटी के लिए यह पहली संस्थान है जो इस तरफ से खुलकर काम करती है। हर सप्ताह इस कम्युनिटी के लिए कई एंटरटेनमेंट एक्टिविटीज होती है और इनके साथ हुई किसी भी प्रकार की घटना को भी सख्ती से लिया जाता है।


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