BJP सरकार के समय हुए करप्शन पर कार्रवाई नहीं होने के मुद्दे पर अनशन के बाद सचिन पायलट देर रात दिल्ली पहुंच गए हैं। अनशन के बाद पायलट के दिल्ली दौरे को लेकर सियासी हलकों में कई तरह की चर्चाएं हैं।
वहीं, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सचिन के अनशन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को रिपोर्ट सौंपी है। रंधावा ने दिल्ली में पायलट को लेकर पूछे सवालों के जवाब में कहा कि मैं राजस्थान को पंजाब नहीं बनने देंगे। लगातार राजस्थान के लीडर्स के साथ संपर्क में हैं। रंधावा ने कहा कि पायलट ने विधानसभा में यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया? उन्होंने यह क्यों नहीं कहा कि संजीवनी घोटाले में गजेंद्र शेखावत की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? करीब आधे घंटे आज खड़गे से बातचीत हुई है, गुरुवार को फिर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर मीटिंग होगी और जयपुर में पिछले दिनों से अब तक हुए घटनाक्रम को लेकर चर्चा कर फैसला लेंगे।
रंधावा बोले- कार्रवाई पहले भी होनी चाहिए थी, लेकिन अब होगी
रंधावा ने कहा कि कांग्रेस में 25 सितंबर सहित अनुशासनहीनता की पुरानी घटनाओं पर एक्शन नहीं होने के सवाल पर पर रंधावा ने कहा- कार्रवाई तो पहले भी कई बार होनी चाहिए थी, लेकिन नहीं हुई। अब वैसा नहीं होगा, कार्रवाई होगी। पायलट के बयानों और भाषणों को स्टडी कर रहा हूं, उसके बाद तय करेंगे। रंधावा के इस बयान को पायलट पर कार्रवाई के संकेत के तौर पर माना जा रहा है, हालांकि रंधावा ने पायलट का नाम लेकर कार्रवाई की बात नहीं की।
इस दौरान चर्चाएं हैं कि पूर्व डिप्टी सीएम पायलट दिल्ली में कुछ नेताओं से गुप्त मीटिंग कर सकते हैं। हालांकि, पायलट के अगले सियासी स्टैंड को लेकर भी अभी पूरी तरह तस्वीर साफ नहीं है। चुनावी साल में पायलट मुद्दे पर राजस्थान कांग्रेस में खींचतान फिर तेज हो गई है। सचिन पायलट ने कल अनशन के बाद जिस तरह करप्शन के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की बात कही थी, उससे यह साफ अनुमान लगाया जा रहा है कि आगे भी वे CM अशोक गहलोत खेमे को घेरेंगे। कांग्रेस हाईकमान की तरफ से पायलट के अनशन के बाद अभी कोई रिएक्शन नहीं आया है।
प्रियंका वाड्रा के हस्तक्षेप की संभावना
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक सचिन पायलट प्रकरण में प्रियंका वाड्रा के फिर हस्तक्षेप करने के आसार हैं। पायलट प्रियंका वाड्रा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। पिछली बार बगावत के बाद पैदा हुए सियासी संकट के वक्त भी पायलट की वापसी और समझौते में प्रियंका का ही बड़ा रोल था। इस बार भी प्रियंका के बीच-बचाव करने की चर्चाएं हैं। सचिन पायलट ने जिस तरह शाम को तेवरों में बदलाव किया उससे इन चर्चाओं को और बल मिला है।
पहले पार्टी विरोधी गतिविधि बताया, फिर कांग्रेस ने चुप्पी साधी
सचिन पायलट ने रविवार को जब प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अनशन की घोषणा की थी तो कांग्रेस हाईकमान से जुड़े नेताओं ने बयान जारी करके मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनकी सरकार का पक्ष लिया था। सचिन पायलट के पक्ष में किसी बड़े नेता ने बयान नहीं दिया था। सोमवार देर रात प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बयान जारी करके पायलट के अनशन को पार्टी विरोधी गतिविधि बताते हुए उन्हें बातचीत से मसला हल करने का सुझाव दिया। रंधावा के बयान के बाद इस तरह का अनुमान लगाया जा रहा था कि पायलट को अनशन के बाद नोटिस जारी हो सकता है, लेकिन कांग्रेस ने रणनीति बदल दी। कल दोपहर बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि राजस्थान के मुद्दे पर जयराम रमेश जल्द बयान जारी करेंगे, लेकिन जयराम रमेश ने कोई बयान जारी नहीं किया।
25 सितंबर की तरह पायलट मुद्दे पर भी फैसला होल्ड
अशोक गहलोत और सचिन पायलट खेमों के बीच पावर शेयरिंग ही झगड़े की मुख्य जड़ मानी जा रही है। पायलट समर्थक लंबे समय से CM बदलने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब हाईकमान के नजदीकी नेताओं ने गहलोत सरकार के कामकाज के बूते चुनावों में उतरने का बयान देकर नई चर्चाओं को बल दे दिया। 25 सितंबर को गहलोत खेमे के विधायकों ने CM चयन का फैसला हाईकमान पर छोड़ने का प्रस्ताव पारित नहीं होने दिया था। इस मामले में तीन नेताओं को नोटिस जारी किए, उनके जवाब भी दिए, लेकिन फैसला होल्ड कर लिया। अब अनशन को पार्टी विरोधी गतिविधि बताकर इस पर अगला कदम उठाने के फैसले को होल्ड कर लिया। गहलोत खेमा अब पायलट के अनशन को 25 सितंबर की घटना को बैलेंस करने के लिए इस्तेमाल करेगा।
आनंद शर्मा बोले- वसुंधरा राजे अचानक प्रकट हुई हैं क्या?
सचिन पायलट मुद्दे पर कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने पायलट पर निशाना साधते हुए गहलोत का पक्ष लिया है। आनद शर्मा ने कहा कि हमारे यहां कम से कम यहां तक पहुंच गए , सत्ताधारी पार्टी में देखो क्या हालत है वसुंधरा राजे कोई कल प्रकट हुई है कोई नई बात सामने उजागर आई है। मैंने तो कोई सुना नहीं कि ऐसा कोई वाकया हुआ हो।
शर्मा ने कहा, हर पार्टी के अपने नियम होते हैं , क्या चीज अनुशासन की परिधि में है और क्या इसके बाहर है।कोई ऐसा विशेषज्ञ नहीं है जो किसी दूसरे का मन पढ़ कर उसका विश्लेषण कर लें। राजनीति में स्वभाविक है कि मतभेद होते हैं। हमारी सरकार बेहतरीन काम कर रही है बजट में जो घोषणा हुई है योजनाओं की घोषणा हुई है ,वह जनता के लिए बहुत उपयोगी है।
पायलट ने नए सियासी मुद्दे को हवा दी
सचिन पायलट ने वसुंधरा राजे की अगुआई वाली BJP सरकार के करप्शन पर कार्रवाई नहीं होने पर साल भर पहले भी बयान दिए थे, उस वक्त CM गहलोत को दो बार लेटर भी लिखे। पायलट ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में BJP राज के करप्शन पर कार्रवाई के लिए लिखे लेटर्स का CM गहलोत के जवाब नहीं देने का मुद्दा उठाकर 11 अप्रैल को अनशन की घोषणा की। पायलट ने कल 11 से 4 बजे तक समर्थकों के साथ जयपुर के शहीद स्मारक पर अनशन किया। अनशन के बैनर पर पायलट के गांधी जी के अलावा किसी की तस्वीर नहीं लगाकर सियासी चर्चाएं छेड़ दीं। हालांकि अनशन के बाद पायलट के बयान में गहलोत के प्रति तल्खी गायब थी, उन्होंने बयान BJP के करप्शन पर मोड़ दिया।


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