श्रीगंगानगर - राकेश शर्मा
श्रीगंगानगर के एसडी बिहानी कॉलेज के ऑडिटोरियम में डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती कार्यक्रम आयोजित हुआ l कार्यक्रम में मुख्य अतिथि चंदन सिंह निर्माण प्रबंधक विधि मंडल अध्यक्ष ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक sc-st वेलफेयर एसोसिएशन श्रीगंगानगर रहेl विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती रूबी चौधरी प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नंबर 9 एवं  बिट्टू कांडा प्रमुख सेवादार पावन वाल्मीकि आश्रम श्रीगंगानगर एवं  लेफ्टिनेंट जनरल जीएस ढिल्लो भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रचारक  निंबाराम  उपस्थित रहे।
 कार्यक्रम में गंगानगर नगर वह आसपास के शहरों से भी गणमान्य नागरिक उपस्थित थे निंबाराम ने अपने उद्बोधन में बताया कि संघ से 100 वर्ष के जीवन काल में स्वयंसेवकों ने बाबा साहब से अनेकों प्रेरणा ली हैं संघ के प्रचारक माननीय  दत्तोपंत ठेंगड़ी ने अपने जीवन के अंतिम वर्षों में बाबा साहब पर पुस्तक लिखी तथा महामानव की उपाधि दी उन्होंने बाबा साहब से अनेक बार संवाद भी किया महापुरुषों की जयंती ने बनाने से वह छोटे नहीं हो जाते हैं ऐसा करने से हमारा स्वार्थी है ऐसे लोगों की जयंती मनाने से उनके विचारों का प्रसार ही होता है जो हमारे सामाजिक एवं राष्ट्रीय एवं व्यक्तिगत जीवन के लिए बहुत प्रेरणादाई होते हैं l मरने के बाद जिन के विचारों का व्याख्यान होता है वह महापुरुष होते हैंl  उनके विचार अमर होते हैं l यह कार्यक्रम कुछ समय पूर्व कुछ यूनियन ही इसे मनाते थे पर आज सर्व समाज मना रहा है यह एक सुखद अनुभव है इसकी आवश्यकता है जिस भी समाज पंथ में दिए गए विचार क्योंकि महापुरुष सर्व समाज के लिए जीते हैं न कि किसी एक निश्चित जाती हेतु बाबा साहब के जीवन प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए  निंबाराम  ने बताया कि बाबा साहब ने कहा था मेरा जीवन मेरे लिए नहीं मेरी जाति के लिए नहीं मेरी तरह अछूत माने जाने वाले सभी लोगों के लिए है मुख्य वक्ता ने बताया कि बाबा साहब केवल भारत के संविधान के ज्ञाता नहीं बल्कि पूरे विश्व के सभी संविधानो के ज्ञाता थे ।मुख्य अतिथि  चंदन सिंह निर्माण ने संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब भारत रतन ही नहीं वह पूरे विश्व के लिए विश्व रतन थे विशिष्ट अतिथि श्रीमती रूबी चौधरी ने बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबा साहब एक शिक्षित समाज का निर्माण करना चाहते थे और इसी प्रकार से उन्होंने संविधान का निर्माण किया कि संपूर्ण समाज को शिक्षा का अधिकार समानता के रूप में मिल सके और प्रत्येक व्यक्ति शिक्षित होकर और रूढ़ियों को त्याग कर एक सुसंस्कृत समाज का निर्माण कर सकें कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्वलन कर वह अतिथियों को श्रीफल भेंट कर किया गया इसके बाद संगठन गीत बहन हिमाद्रि द्वारा गाया गया । कार्यक्रम के समापन में बहनों ने वंदे मातरम गीत गाया