जोधपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
जोधपुर में पॉक्सो के आरोपी को पुलिस से बचाने के लिए बाप-बेटे ने उससे 18.50 लाख रुपए ठग लिए। उन्होंने आरोपी को भरोसा दिलाया था कि पुलिस में उनकी सेंटिंग है। पुलिस ने जब आरोपी से पूछताछ की तो ठगों की करतूत का खुलासा हुआ। ठगी के आरोपी बेटे अनस को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, बाप नियाज अब तक फरार है। अनस की गिरफ्तारी के बाद पता चला ये पुलिस अधिकारियों से दोस्ती का झांसा देकर कई लोगों से करोड़ों रुपए ठग चुके हैं। हालांकि, जोधपुर के देव नगर थाने में अभी तक ढाई करोड़ की ठगी का एक ही मामला दर्ज हुआ है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनके पास कई लोगों के फोन आए, जिन्हें ये झांसा दे चुके हैं।
आरोपी अनस और उसके पिता पूर्व क्रिकेटर नियाज की पुलिस ने जब प्रोफाइल खंगाली तो चौंकाने वाले फोटो और वीडियो सामने आए। अनस के कई लग्जरी गाड़ियों के साथ फोटो हैं जबकि दोनों बाप-बेटे के कई ऐसे वीडियो हैं, जिसमें वह अलग-अलग कार्यक्रम में रुपए लुटाते हुए दिख रहे हैं।
जांच में ये भी खुलासा हुआ है कि अनस ने अपने चितलवाना (जालोर) के एक साथी के साथ मिलकर 1947 के नाम से गैंग भी बना रखी है। अब अनस का साथी पुलिस व मीडिया को खुलेआम धमकी दे रहा है।
नटवरलाल बाप-बेटे की कहानी...कैसे लोगों को देते थे झांसा...
एसीपी वेस्ट चक्रवर्ती सिंह ने बताया कि गैंगस्टर से ठगी करने वाला अनस और उसका पिता विवादित जमीनों का सौदा करते थे। इसके साथ इनका कंस्ट्रक्शन का भी काम है। इन्हीं विवादित जमीनों के सौदे के लिए वह पुलिस और गैंगस्टर दोनों काे साथ लेते थे।
दोनों ने पहले से पुलिस अधिकारियों के साथ लाइजनिंग कर रखी थी। किसी भी विवादित जमीन का मामला होता ये लोग अपनी पुलिस अधिकारियों के साथ फोटो दिखाते। आगे वाले को भरोसा दिलाते थे कि पुलिस अधिकारी इनकी पहचान वाले हैं और कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
वहीं ऐसी ही विवादित जमीनों के सेटलमेंट के लिए गैंग बना रखी थी। ठगी से आए रुपए को वे अपने कंस्ट्रक्शन के बिजनेस में काम लेते थे। ये भी सामने आया कि 1947 नाम से गैंग बनाने के बाद इन्हीं ठगी के रुपए से हथियार खरीदे गए थे।
अनस इसके लिए अपने फेसबुक अकाउंट में भी इन अधिकारियों के साथ फोटो रखता था ताकि लोगों को विश्वास हो कि पुलिस अधिकारी इनके कॉन्टैक्ट में हैं।
एसीपी सिंह ने बताया कि अनस के खिलाफ पहले कोई क्राइम रिकॉर्ड नहीं था। ये लोग विवादित जमीनों के मुद्दे को शॉर्ट करते और इसके बाद बेच देते थे। उन्होंने बताया कि अभी फोन पर तीन और लोगों से ऐसे ही ठगी की जानकारी मिली है। इन्हें मामला दर्ज करवाने को कहा गया है। मामला दर्ज होने के बाद इनकी जांच की जाएगी।
एसीपी को कॉल कर छुड़वाई थी गाड़ी, तभी गैंगस्टर को विश्वास हुआ
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गैंगस्टर उम्मेद सिंह को अनस से जालोर के चितलवाना के बदमाश पुष्पेंद्र सिंह ने मिलवाया था।
बताया जा रहा है कि 14 अगस्त 2022 को उम्मेद सिंह ने शेरगढ़ के पास एक नाबालिग को गाड़ी में बैठाकर छेड़खानी की थी।
इस पर नाबालिग के परिजनों ने उसका पीछा किया तो उम्मेद सिंह अपनी स्कॉर्पियो छोड़कर फरार हो गया था। इसी स्कॉर्पियों को जोधपुर की राजीव गांधी थाना पुलिस ने जब्त किया।
जब उम्मेद सिंह ने ये बात अनस को बताई तो उसने विश्वास दिलाया कि वह उसकी गाड़ी छुड़ा देगा। इस पर अनस ने एसीपी प्रेण धणदे को कॉल कर झूठी कहानी बताई।
एसीपी को बताया कि उम्मेद सिंह की बहन के साथ कुछ लोगों ने छेड़खानी की है और पुलिस उसकी गाड़ी थाने ले आई।
इस मामले में जब एसीपी प्रेम धणदे से बात की तो उन्होंने बताया कि अनस ने पुलिस अधिकारियों को भी झांसा दिया है। उस समय मामला दर्ज नहीं था तो हमें पता नहीं था कि उम्मेद सिंह कौन है।
उसने उम्मेद सिंह की इमोशनल स्टोरी सुनाई तो इस शर्त पर गाड़ी छुड़ाने का कहा कि मामला दर्ज होने पर उम्मेद सिंह को थाने लेकर आएगा। इसलिए राजीव गांधी थाना के एसएचओ अनिल यादव को फोन किया और गाड़ी छुड़वा दी।
उन्होंने बताया कि जब उम्मेद सिंह के खिलाफ पॉक्सो का मामला दर्ज हुआ तो अनस को बुलाया गया। इस बार भी उसने झांसा दिया कि वह उम्मेद सिंह की लोकेशन बताएगा, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
इधर, पुलिस ने जब उम्मेद सिंह पर पॉक्सो का मामला दर्ज हुआ तो इस केस को रफा-दफा करने का अनस ने झांसा दिया। पहली बार में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए 5 लाख रुपए लिए थे और इसके बाद कैश।
1947 के नाम से गैंग बनाई
अनस का दोस्त चितलवाना जालोर का बदमाश पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ ने नई गैंग 1947 के नाम से बनाई। उसके खिलाफ भी ठगी के कई मामले हैं।
इसी गैंग से अनस भी जुड़ा है। अनस की एक गाड़ी पुष्पेंद्र सिंह के पास ही है। अनस अभी जेल में है। लेकिन, उसका ये दोस्त लगातार पुलिस को धमकी दे रहा है।
पुष्पेंद्र अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर मैसेज शेयर करते हुए लिखा है कि अनस 1947 का सदस्य है और रहेगा। इस मैसेज में कमिश्नर जोधपुर व डीसीपी को टैग भी किया है। इतना ही नहीं अनस के खिलाफ खबर लगाने वालों को भी जान से मारने की धमकी दी है।
अनस की लग्जरी गाड़ियों के नंबर भी 1947 है। अनस ने अपने बयान में बताया कि उसके पास लग्जरी एसयूवी है। उसका गाड़ियों की खरीद-फरोख्त का भी धंधा है।
इसके अलावा 34 कंस्ट्रक्शन नाम से कंपनी है। इसकी अभी चौखा, चांदणा भाखर, देवी कोलोनी सहित एक राजसमंद में साइट चल रही है। पुलिस ने बताया कि ठगी का पैसा अनस इसी कंस्ट्रक्शन कंपनी में लगाता है। इतना ही नहीं कंस्ट्रक्शन के नाम पुलिस के सामने राजसमंद में भी ठगी का मामला सामने आया है।



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