जोधपुर ब्यूरो रिपोर्ट।  

नोएडा में लगे हैंडीक्राफ्ट के इंटरनेशनल फेयर में बुकिंग करवाने वालों की भीड़ के बीच दो तरह की ही चर्चा थी। पहली- जोधपुर फेयर की। दूसरी- अमेरिका में मंदी से हैंडीक्राफ्ट के एक्सपोर्ट में आई गिरावट की। अकेले जोधपुर का हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट इस साल करीब 1300 करोड़ रु. उतर गया। निर्यातक इसे मंदी मान रहे हैं। पिछले साल के आंकड़े देखें तो जोधपुर से करीब 35 हजार से ज्यादा कंटेनर्स विदेश पहुंचे थे। इस साल 25 हजार रह गई। इसके लिए 3 तरह के प्रयास हो रहे हैं।

सबसे बड़ी सौगात होगी अमेरिका में खुलने वाला वेयर हाउस। इससे राजस्थान सहित देशभर के हैंडीक्राफ्ट को वहीं स्टोर हो सकेंगे। इसके बाद यूरोप में भी वेयर हाउस खोले जाएंगे। देश-विदेश में होने वाले इंटरनेशनल फेयर में स्टैंड लगाने के लिए एक्सपोर्टर्स को राज्य सरकार 1 लाख रु. या किराए का 50% अनुदान देगी। केंद्र विदेशों में हैंडीक्राफ्ट का शोरूम खोलने पर 5 साल तक 50% राशि देगी।

हर स्तर पर हो रहे हैं प्रयास
राज्य सरकार : जोधपुर में नए डिपो, अंतरराष्ट्रीय फेयर में अनुदान

अंतरराष्ट्रीय स्तर के फेयर में शामिल होने वाले फेयर में एक्सपोर्टर्स को 9 स्क्वायर मीटर तक की स्टेंड में 1 लाख रुपए अथवा 50% तक (दोनों में से जो भी कम हो) का अनुदान दिया जा रहा है। जोधपुर में वर्तमान में तीन इनलैंड कंटेनर डिपो है। इसके बावजूद भी कई बार कंटेनर्स का संकट आ जाता है। इसे कम करने के लिए राज्य सरकार की ओर से एक कंटेनर डिपो और खोला जा रहा है।

केंद्र सरकार: कॉनकोर डिपो खुलवाएगी, फॉरेन में शोरूम किराए का 70% रिफंड करेगी
जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट को बढ़ावा देने के लिए चौतरफा प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे कॉनकोर का एक नया कंटेनर डिपो जोधपुर में बनाना प्रस्तावित है। इसके लिए राज्य सरकार ने सालावास में जमीन दे दी है। इसके अलावा जोधपुर में भी हैंडीक्राफ्ट का इंटरनेशनल फेयर शुरू किया गया है और सीएम ने इसे अब हर साल करने की घोषणा की है। इसके अलावा विदेश में वेयर हाउस या शो रूम खोलने पर वहां के किराए का 70 प्रतिशत भुगतान सरकार रिफंड करेगी। इससे यहां के एक्सपोर्टर्स वहां शोरूम शुरू कर सकेंगे।

यूरोप-अमेरिका : आदेश निकालकर शिपिंग कंपनियों से भाड़े घटवाए
कोरोना के बाद शिपिंग कंपनियों ने मनमर्जी से कंटेनर का भाड़ा बढ़ा दिया था। भारत के अनुरोध पर यहां सरकार ने आदेश निकाले। भारत-अमेरिका का कंटेनर भाड़ा 18000 डॉलर से घटाकर 4000 डॉलर से भी कम करवा दिया। यह प्री कोविड से भी कम हो गया है। इससे निर्यात तेज होने की संभावना भी बढ़ गई है।

ईपीसीएच: विदेशों में वेयरहाउस, इंटरनेशनल फर्नीचर फेयर लगाएगी
निर्यातकों की सुविधा और निर्यात बढ़ाने के लिए विदेशों में वेयर हाउस उपलब्ध करवाएगा। देश के निर्यातक माल का स्टॉक कर पाएंगे। जोधपुर के एक्सपोर्ट का 80 प्रतिशत फर्नीचर होता है। इसे ध्यान में रख सितंबर में फर्नीचर का इंटरनेशनल फेयर प्लान कर रहे हैं। हैंडीक्राफ्ट और फर्नीचर दोनों के बायर परेशान न हों, इसलिए अगला फेयर एकसाथ ही लगाएंगे।

लकड़ी संकट घटाने के लिए शीशम के प्रतिबंध हटवाने की कोशिश
शीशम की लकड़ी पर बाध्यता के संकट के साथ लकडी की ट्रेसीबिलीटी एवं एफएससी सर्टिफिकेशन की परेशानी है। ऐसे में अमेरिका हार्डवुड एसोसिएशन ने अमेरिका से लकड़ियां उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव रखा है। अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशो के साथ भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इन एग्रीमेंट से हैंडीक्राफ्ट पर विदेशों में इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी।