हनुमानगढ- विश्वास कुमार 
हनुमानगढ़ में विश्व जल दिवस के अवसर पर रालसा के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हनुमानगढ़ सचिव संदीप कौर द्वारा गांव चन्दड़ा, राजकीय सम्प्रेषण गृह व सावित्री बाई फुले महाविद्यालय छात्रावास में शिविरों का आयोजन करते हुए बताया कि विश्व का 70 फीसदी हिस्सा पानी से घिरा हुआ है और इसमें 97 फीसदी पानी ऐसा है, जो पीने लायक नहीं है, वहीं 3 फीसदी पानी पर पूरी दुनिया जीवित है, पानी के बिना जीवन की कल्पना करना अंसभव है और इसके महत्व को समझते हुए हर साल 22 मार्च को विश्व जल दिवस रूप में मनाया जाता है। जल ही जीवन है क्योंकि इसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती. दुनिया भर में कई ऐसे हिस्से हैं जहां पानी की कमी बनी रहती है, तेजी से बढ़ती जनसंख्या के चलते पानी का ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल होने लगा है, आमतौर पर लोगों द्वारा जाने अनजाने में पानी की बर्बादी की जाती हैं और जिसके कारण बहुत जल्द हमें पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है। समय आ गया है, कि  हम वर्षा का पानी अधिक से अधिक बचाने की कोशिश करें तथा हमें रोजमर्रा के कायों को करने में उपयोग में लिये जाने वाले पानी की मात्रा का ध्यान रखते हुए अधिकाधिक पानी की बचत करनी चाहिए। यदि हमारे द्वारा जल संचय हेतु साधन नहीं अपनाये गये तो आने वाली पीढ़ियों हेतु पीने के लिए पीने भी नही बचेगा, हमें तालाबों में वर्षा जल का संचयन किया जाना चाहिए, इनके रख-रखाव और संरक्षण किया जाना बहुत आवश्यक है। जिससे हमारी आने वाली पीढ़ियों को पानी की कमी की समस्या का सामना नहीं करना पडेगा। अन्त में उपस्थितजन को जल का सदुपयोग करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरणक कार्यप्रणाली, निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर स्कीम, लोक अदालत व मध्यस्थता आदि के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया।