श्रीगंगानगर से राकेश मितवा
श्रीगंगानगर - राकेश मितवा
जिले के एसएसपी परिस अनिल देशमुख का मानना है कि अच्छा इंसान ही अच्छा अधिकारी हो सकता है। सुविधाओं की आदत अच्छा इंसान बनने मेँ बाधा है। देशमुख आज दोपहर सूचना केंद्र मेँ प्रेस क्लब श्रीगंगानगर के संवाद कार्यक्रम मेँ पत्रकारों से संवाद कर रहे थे। उन्होने बताया कि वो इंजीनियर थे; कभी सोचा ही नहीं था कि यूपीएससी की परीक्षा दूंगा; आईपीएस बनूँगा। मगर सामाजिक जीवन की विविधताओं ने प्रशासनिक सेवा की ओर प्रेरित किया।
श्री देशमुख ने बताया कि पहली से लेकर स्नातक की परीक्षा मेँ कभी फेल नहीं हुये थे। परंतु यूपीएससी की प्री परीक्षा मेँ फेल क्या हुआ कि जड़ें हिल गईं। ओवर कोन्फ़िडेंस जाता रहा। धरातल पर आ कर विचार किया। दोस्तों के साथ चर्चा की। विश्लेषण किया। कमियों की तलाश की। उसके बाद ये निर्णय लिया कि जिन कमियों के कारण असफल हुये, वो फिर से नहीं करेंगे अर्थात उन कमियों से फिर फेल नहीं होंगे।
देशमुख ने बताया कि दूसरे प्रयास की तैयारी शुरू कर दी। पीजी किया। पार्ट टाइम पढ़ाया भी। प्रारम्भिक और मुख्य परीक्षा पास हुई तो इंटरव्यू कॉल आई। तब पढ़ना छोड़ के इंटरव्यू की तैयारी शुरू कर दी। और फाइनली मेरा चयन आईपीएस मेँ हो गया।
उन्होने बताया कि मैं तो ग्रामीण परिवेश का था; आरंभ मेँ आईपीएस/आईएएस के ग्लेमर से प्रभावित होता था। परंतु जब खुद आईपीएस बना तो अधिकारी के तौर पर मिलने वाली सुविधाओं का आदी हो गया। परंतु ये सब 60 साल तक की उम्र होने तक ही मिलेंगी। इसके साथ ही उन्होने अपना सांझा करते हुये कहा कि ये सुविधाएं इंसान को अच्छा आदमी बनने से रोकतीं है।
उन्होने बताया श्री देशमुख ने कहा कि हमारे पड़ोसी ये कहते थे, जो डाक्टर है; वो डाक्टर नहीं और जो इंजीनियर है; वो इंजीनियर नहीं। एसएसपी अनिल देशमुख की पत्नी सीबीआई [ सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया मेँ है] मेँ है। जो फिलहाल जयपुर मेँ नियुक्त हैं। दो लड़कियों के पिता अनिल देशमुख मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। संवाद में वरिष्ठ देशमुख ने बताया कि उन्होंने प्रोग्रेशन जोधपुर में किया वहीं अलवर भिवाड़ी बाड़मेर नागौर होते हुए अब श्रीगंगानगर जिले में अपनी सेवाएं दे रहे हैं ।जिले के बारे में उन्होंने बताया कि यहां के किसान काफी संपन्न है, उन्होंने अपने इलाके में किसानों की संपन्नता नहीं होने को लेकर भी चर्चा की। श्रीगंगानगर जिला पंजाब से सटता होने तथा पिछले दिनों में गैंगस्टर की बढ़ती गतिविधियां के विषय में उन्होंने कहा कि श्री गंगानगर जिले में एटीएस की जरूरत है और इसका प्रस्ताव भी पेंडिग है । वही ज्यादातर समय उनकी पोस्टिंग बॉर्डर पर रही है इसलिए बॉर्डर से संबंधित मामलों को लेकर काफी संवेदनशील भी है। उन्होंने कहा कि बॉर्डर को लेकर उन्होंने कहा कि पड़ोसी स्टेट में कुछ गतिविधियां होती है तो निश्चित रूप से पड़ोसी क्षेत्र में उसका प्रभाव होता है वही पंजाब की परिस्थितियों का असर भी इस क्षेत्र में है जिसे लेकर के काफ़ी सक्रिय है। उन्होंने कहा कि जिले में संगठित अपराध तथा यातायात अव्यवस्था उनकी प्राथमिकता में है ।राजनीतिक दबाव को लेकर भी उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रजातंत्र में रहने के दौरान हमने उन्हें चूना है उन्हें अपनी बात कहने का हक है। विषय पर स्वविवेक से कार्य करना आधिकारी का काम हैं ।
यातायात व्यवस्था में ज्यादातर चालान टू व्हीलर के होने पर काफी चर्चा हुई उन्होंने कहा कि टू व्हीलर से ज्यादातर दुर्घटनाएं हो रही है बिना हेलमेट के। हेलमेट को आदत के रूप में अपनाया जाना चाहिए।
संवाद के दूसरे चरण में जिले की कानून व्यवस्था के साथ-साथ संगठित अपराधों पर विशेष कार्यवाही करने के अलावा नशे के खिलाफ मजबूती से कदम उठाने की बात कही गई। सौहार्दपूर्ण वातावरण में संवाद कार्यक्रम में डेढ़ घंटे तक पुलिस अधीक्षक अनिल देशमुख ने पत्रकारों के हर प्रश्नों का बेबाकी से जवाब दिया तथा अपने भावी योजनाओं के बारे में भी स्पष्ट किया। कानून व्यवस्था स्थापित करना प्रथमिकता बताते हुए उन्होंने इस बात पर पुरजोर समर्थन किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी के लिए हेलमेट की अनिवार्यता जरूरी है।
कंप्यूटर इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से होने के बावजूद भी प्रशासनिक सेवाओं में आने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि मेरे विषय कंप्यूटर इंजीनियरिंग है मगर इसे में लंबे समय तक अपना सोशल सामाजिक कनेक्शन दूर हो जाता ऐसे में प्रशासनिक सेवा सोशल कनेक्शन सबसे अच्छा माध्यम रहती है ,इसलिए यूपीएससी मेरे लिए नए सब्जेक्ट होने के बावजूद भी सही रही। संचालन प्रेस क्लब के संयोजक गोविंद गोयल ने किया।

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