जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
ग्रामीण विकास मंत्री रमेश चंद मीणा ने विधानसभा में कहा कि कोटा के रामगंजमंडी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केन्द्र सरकार से पुनः सर्वे की स्वीकृति प्राप्त होते ही शेष रहे 3 हजार 751 आवेदकों को शामिल कर दिया जाएगा। मीणा प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में सदस्यों द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर कोई लाभार्थी योजना के तहत प्राप्त भूखण्ड में भूखण्ड न लेकर दूर सिवायचक भूमि पर भूखण्ड प्राप्त करना चाह रहा है तो उसे वहां जमींन दे दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पुनः सर्वे के लिए केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को पत्र लिखा जा चुका है। उन्होंने आश्वस्त किया कि केन्द्र से स्वीकृति के बाद शेष रहे आवेदकों को योजना से जोड़ने की कार्रवाई की जायेगी। इससे पहले ग्रामीण विकास मंत्री ने विधायक मदन दिलावर के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में विधानसभा क्षेत्र रामगंजमण्डी के जिन गांवों में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण वरीयता सूची में नाम आने के पश्चात उनके पास आबादी भूमि में भूखण्ड नहीं होने के कारण इस योजना में लाभान्वित नहीं किया जा सका है, का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि भूमि रूपान्तरण के प्रस्ताव प्रेषित किये गये है तथा आबादी भूमि उपलब्ध होने पर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अन्तर्गत योजना का लाभ दिया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र रामगंजमण्डी में सर्वे किए जाने पर कुल 3 हजार 751 परिवारों के पास पूर्णतया कच्चा मकान होने के बाद भी उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण लाभान्वित किए जाने वाली सूची में नहीं है। उन्होंने गांव वार सूची सदन के पटल पर रखी उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अब तक पुनः सर्वे हेतु कोई निर्देश जारी नही किये गये हैं। उन्होंने बताया कि रामगंजमण्डी विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण अन्तर्गत वर्ष 2016-17 से अब तक कुल 4 हजार 966 आवास स्वीकृत, 4 हजार 818 आवासों की प्रथम किश्त जारी, 4 हजार 552 आवासों की द्वितीय किश्त जारी एवं 4 हजार 54 आवास पूर्ण हो गए हैं।

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