जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया पर जमकर कटाक्ष किया। गहलोत ने कटारिया को राज्यपाल का अभिभाषण नहीं पढ़ने देने का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कैलाश मेघवाल और सतीश पूनिया अलग खड़े रहे, बाकी सबको नेता प्रतिपक्ष ने गुमराह किया, जिसकी मैं निंदा करता हूं। गहलोत ने कहा कि 4 साल की हमारी जो उपलब्धियां हैं, वह राजस्थान के इतिहास में दर्ज हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आपने जिस तरह से भावनाओं में भरकर भाषण दिया है, वह झूठ का पुलिंदा था। मैं हर बात का जवाब भेज कर आपको एक्सपोज करूंगा। गहलोत ने कटारिया को कहा कि आप 2050 की प्लान पर ताली बजाने की बात कहकर कट ऑफ कर रहे थे और कह रहे थे कि तब तक तो हम दुनिया में ही नहीं रहेंगे। हम चाहते हैं कि आप दुनिया में भी रहें और 2050 में कैसे इन योजनाओं के बल पर राजस्थान आगे बढ़ता है, वह भी देखें।
प्रधानमंत्री जाति-धर्म को लेकर नहीं चलते, इससे बड़ा कोई झूठ नहीं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया पर खासे नाराज नजर आए। उन्होंने कहा कि जिस तरह आप ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री को तमाम जाति, धर्म, वर्ग को साथ लेकर चलने की बात कही, इससे बड़ा झूठ कोई नहीं हो सकता। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का मुद्दा यही है और भारत जोड़ो यात्रा का उद्देश्य भी कि देश में शांति, भाइचारा और प्यार-मोहब्बत बनी रहे। अगर आप लोग ऐसा चाहते हैं तो फिर लोकसभा, राज्यसभा या उत्तर प्रदेश में एक भी मुस्लिम को टिकट क्यों नहीं दिया, जो देश की 20 प्रतिशत आबादी है। उन्होंने कहा कि योजनाएं चाहे केंद्र सरकार बनाए या राज्य सरकार, वह सभी लोगों के लिए होती हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आंकड़ों के जरिए बताया कि जिस तरह से 4 साल में वसुंधरा राजे के समय काम हुए थे, उससे कहीं ज्यादा वर्तमान सरकार के 4 साल में हुए हैं। गहलोत ने कटारिया से सवाल करते हुए कहा कि 4 साल में विपक्ष की भूमिका नहीं निभाने के चलते ही जनाक्रोश रैलियों की धज्जियां उड़ गईं, जिसमें ना जन दिखा ना आक्रोश।
किरोड़ी लाल को दें सुझाव।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पेपर लीक के मुद्दे पर सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि पेपर लीक की समस्या राष्ट्रीय समस्या है। गुजरात हो, बिहार हो, उत्तर प्रदेश हो या हिमाचल, हर राज्य में पेपर लीक हुए। लेकिन राजस्थान वह पहला राज्य है जिसने ऐसे लोगों को जेल भेजा और उनकी बिल्डिंग को भी ध्वस्त किया। अगर कोई सरकारी नौकरी में था तो उसको बर्खास्त भी किया, जबकि आपके समय में तो पेपर लीक होने के बावजूद 80 लोग सब इंस्पेक्टर बन गए। सीएम गहलोत ने किरोड़ी लाल मीणा के धरने को लेकर कहा कि पेपर लीक का मुद्दा राष्ट्रीय समस्या है। इसको कैसे हल करें, इसे लेकर वह हमें सुझाव देंगे तो हम मानेंगे। अगर पेपर लीक मामले में सरकार और एसओजी की तरफ से कोई कमी है तो हमें बताएं। हम इसे दूर करेंगे, लेकिन अगर हमारे ही कुछ साथी बेरोजगारों को साथ लेकर आंदोलन करेंगे, सड़क पर आएंगे तो फिर बच्चे पढ़ाई कब करेंगे। क्योंकि बच्चों को तो कोई नेता मिलना चाहिए और वह शुरू हो जाते हैं। गहलोत ने कहा कि इस मामले में सीबीआई क्या कर लेगी, क्योंकि जिन राज्यों ने पहले सीबीआई में केस दिए, उनमें कुछ नहीं हुआ।
कोरोना मैनेजमेंट के नाम पर केरल में दोबारा सरकार बनी, राजस्थान में भी ऐसा ही होगा।
गहलोत ने कहा कि कोरोना मैनेजमेंट में राजस्थान देश का नंबर 1 रहा और केरल में तो सरकार केवल इसलिए रिपीट हुई कि उसने बेहतरीन कोरोना मैनेजमेंट किया था। गहलोत ने कहा कि जो केरल में हुआ वही राजस्थान में होगा और हमारी सरकार कोरोना मैनेजमेंट के चलते रिपीट होगी। वही मैनेजमेंट हमारे लिए गेम चेंजर साबित होगा। गहलोत ने कहा कि आज जीडीपी के मामले में राजस्थान देश में दूसरे पायदान पर है और जो जीडीपी भाजपा शासनकाल में 2 पॉइंट से 30 प्रतिशत पर आ गई थी, वह 11 पॉइंट 4 प्रतिशत के साथ दूसरे नंबर पर पहुंच गई है।

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