करौली ब्यूरो रिपोर्ट
करौली के मासलपुर के जंगलों में बुधवार को एक मृतक अवस्था मे टाइगर पड़ा हुआ मिला। मृतक टाइगर को देखकर जंगल से गुजर रही कुछ महिलाओं और चारवाहों ने इसकी सूचना दी। जिसके बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और टाइगर को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रवाना हो गए हैं। जिसके बाद ही टाइगर के मरने के कारणों की पुष्टि होगी। जानकारी के मुताबिक बुधवार को मासलपुर स्थित ठेकरा गौशाला के पास स्थित जंगल मे होकर कुछ महिलाएं और चारवाहें गुजर रहे थे। तभी उनकी नजर मृतक टाईगर पर पडी। इसकी सुचना उन्होंने इलाके मे दी। जिसके बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मृतक टाईगर के शव को अपने कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिये रवाना हो गये। वही सवाईमाधोपुर से भी टीमे करौली पहुंची है। जानकारी के मुताबिक मृतक टाइगर का शव 4-5 दिन पुराना बताया जा रहा है। वन विभाग के सूत्रों के अनुसार tiger- 132 कई दिनों से करौली के जंगलों में विचरण कर रहा था। हालांकि पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी कि यह कौन सा टाइगर था और किस वजह से इसकी मौत हुई है।
वन विभाग के अधिकारियों की खुली पोल।
मासलपुर के जंगल में टाइगर का 4-5 दिन पुराना शव मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारियों और कार्मिकों के गश्त व्यवस्था की भी पोल खुल गई है। दरअसल वन विभाग द्वारा जीव-जंतुओं की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर दावे किए जाते हैं लेकिन जिस प्रकार एक टाइगर का शव 4 से 5 दिन पुराना मिला है और विभाग के अधिकारियों को मृतक टाइगर की भनक तक नहीं लग सकी। इससे उनके दावों की पोल खोलती हुई नजर आई है। वहीं दूसरी ओर विभाग के अधिकारी और कार्मिक भी जानकारी देने मे असमर्थ नजर आए।

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