जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने विधानसभा में कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाने के लिए पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों पर विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर आवेदन नहीं कर पाने की स्थिति में, पात्रता के अनुसार निःशक्तजन, वृद्धजन अथवा अन्य किसी जरूरतमंद को तत्काल सहायता की आवश्यकता होने पर एसडीएम के माध्यम से भी जुड़वाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा एसडीए को यह शक्तियां दी गई हैं। खाचरियावास ने प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्न के जवाब में कहा खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाने के लिए पोर्टल खुलने पर तय श्रेणी के व्यक्तियों द्वारा आवेदन करने पर नाम जोड़ने की कार्रवाई की जाती है। विधानसभाध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि एसडीएम कार्यालय के माध्यम से भी कई बार आवेदन को पुनः जांच के लिए लौटा दिया जाता है तथा नाम नहीं जुड़ पाता है। विभाग द्वारा एसडीएम को पाबंद किया जाना चाहिये कि वह जरूरतमंद को किसी कारण से पोर्टल पर आवेदन नहीं कर पाने की स्थिति में तत्काल रूप से नाम जुड़वाना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियों को योजना का प्राथमिकता से लाभ देकर राहत दी जानी चाहिये। इससे पहले खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने विधायक अशोक डोगरा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि विधानसभा क्षेत्र बून्दी में खाद्य सुरक्षा योजना हेतु कुल 65 हजार 972 पात्र परिवार (2 लाख 53 हजार 475 यूनिट) पंजीकृत है। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत समावेशन निष्कासन निर्धारित मापदण्ड अधिसूचना दिनांक 27-09-2018 के अनुसार चयन की प्राथमिकता श्रेणियों में बिन्दु संख्या 5 के उपबिन्दु - मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेन्शन योजना, मुख्यमंत्री एकल नारी योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेन्शन योजना, मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन पेन्शन योजना तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांग पेन्शन योजना श्रेणियों में चयनित लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेन्शनधारक मानते हुए उनके परिवारों को आवेदन उपरान्त खाद्य सुरक्षा का लाभ प्रदान करवाया जाता है।

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