जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
स्वायत्त शासन मंत्री शान्ती कुमार धारीवाल ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि राजस्व रिकॉर्ड में चारागाह भूमि के रूप में दर्ज भूमि में किस्म का परिवर्तन हुए बिना पट्टे जारी नहीं किये जा सकते हैं। धारीवाल ने प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि नगर परिषद प्रतापगढ में स्थित बगवास कच्ची बस्ती में चारागाह भूमि पर पट्टों के आवेदन वर्तमान में लम्बित हैं, क्योंकि नियमानुसार इस भूमि पर पट्टे जारी नहीं किये जा सकते हैं। इससे पहले स्वायत्त शासन मंत्री ने विधायक रामलाल मीणा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि नगर परिषद प्रतापगढ में स्थित बगवास सर्वेशुदा कच्ची बस्ती है। जबकि तिलक नगर कृषि / आबादी भूमि पर स्थित कॉलोनी है। उन्होंने बताया कि बगवास कच्ची बस्ती में प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 के अंतर्गत पट्टे हेतु कच्ची बस्ती के कुल 571 आवेदन प्राप्त हुये हैं। इसमें आबादी भूमि के 89 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 41 निरस्त किये गए तथा 48 को पट्टे जारी किये गए। इसी प्रकार चारागाह भूमि के 185 आवेदन तथा रीको भूमि के 297 आवेदन प्राप्त हुए, जो प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि आबादी भूमि पर निजी खातेदारी नाला सार्वजनिक निर्माण विभाग की भूमि एवं एक से अधिक आवेदन होने से 41 आवेदन निरस्त किए गए हैं। राजस्व रिकार्ड में चारागाह भूमि की किस्म परिवर्तित होने एवं रीको से एनओसी प्राप्त होने पर पट्टे जारी किये जा सकेंगे। धारीवाल ने बताया कि तिलक नगर में प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 के अंतर्गत पट्टे हेतु कृषि भूमि रूपान्तरण के पट्टे हेतु कुल 21 आवेदन प्राप्त हुये हैं। जिनमें से 19 प्रकरण निस्तारित किये जा चुके हैं एवं शेष दो प्रकरण आवेदक द्वारा राशि जमा नहीं कराये जाने के कारण लम्बित है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 के अंतर्गत उक्त को कच्ची बस्ती एवं कृषि भूमि में पट्टा जारी किये जाने हेतु छूट प्रदान की गई है।