अजमेर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान के सीकर जिले में हुए गैंगस्टर राजू ठेहट की हत्या के मामले के तार प्रदेश की सबसे सुरक्षित कही जाने वाली जेल हाई सिक्योरिटी जेल से जुड़ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, हाई सिक्योरिटी जेल में बैठकर गैंगस्टर राजू ठेहट की हत्या के लिए शूटर्स तैयार किए गए।
जेल के दो गार्ड ने हार्डकोर अपराधी और आनंदपाल गैंग के कुलदीप तक जेल में मोबाइल पहुंचाए गए। दोनों ने मोबाइल पहुंचाने के लिए 70 हजार रुपए लिए। जेल की सबसे ऊंची 30 फीट की दीवार के ऊपर से मोबाइल अंदर फेंकने की जानकारी सामने आई है। सीकर पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया- कोतवाली थाना पुलिस ने 1 फरवरी को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हार्डकोर अपराधी कुलदीप उर्फ टिंकू और जेल गार्ड योगेश वर्मा को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ में सामने आया कि गार्ड योगेश ने मोबाइल और अन्य सामान गार्ड विरेंद्र रावत के जरिए कुलदीप तक पहुंचाए। इसके बाद सीकर पुलिस की ओर से गुरुवार को केसरपुरा निवासी विरेंद्र रावत (31) को गिरफ्तार किया गया।
सीकर पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है कि आखिर कुलदीप तक मोबाइल पहुंचाने में दोनों जेल गार्ड के अलावा और कौन-कौन शामिल है। माना जा रहा है कि इस मामले में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। सीकर पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मोबाइल फेंकने से पहले ही जेल गार्ड और हार्डकोर अपराधी कुलदीप जगह तय कर लेते थे।
जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने पूरे मामले में कहा- हमारे द्वारा पत्र लिखा गया है। आखिर मोबाइल अंदर कैसे पहुंचे। इसकी जानकारी मांगी गई है। इस पूरे मामले में जांच की जा रही है, जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।
रोहित गोदारा के गुर्गों से संपर्क
सूत्रों के अनुसार गार्ड योगेश ने गैंगस्टर रोहित गोदारा के गुर्गों से मोबाइल लेकर विरेंद्र को पहुंचाया था। गैंगस्टर रोहित गोदारा से जुड़े गुर्गों ने राजू ठेठ की हत्या के लिए ही कुलदीप तक मोबाइल पहुंचाया था।
फिर कुलदीप ने जेल से कॉल कर मनीष उर्फ बच्चियां को तैयार किया। मनीष ने बाकी शूटर्स को तैयार किया। इसके बाद शूटर्स को हथियार और पैसे रोहित गोदारा गैंग के गुर्गों ने पहुंचाए। फिर 3 दिसंबर को राजू ठेहट के घर के बाहर ही उसकी हत्या कर दी गई।


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