जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 
पिंकसिटी प्रेस एनक्लेव, नायला पत्रकार नगर के 571 आवंटी पत्रकारों को पत्रकारिता करते 18 साल से अधिक समय हो चुका है। सरकार ने तो 5 वर्ष की सक्रिय पत्रकारिता के अनुभव की पात्रता तय की थी। युवापन में आवेदन किए थे और अब बाल सफेद हो आए, लेकिन आवंटित प्लॉट के पट्टे नहीं दिए जा रहे। प्लॉट की आस में अनेक आवंटी तो दिवंगत भी हो चुके।
चलो नायला संगठन के आह्वान पर 37वे दिन बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलने पहुंचे आवंटी पत्रकारों ने उप सचिव लक्ष्मण सिंह को अपनी पीड़ा सुनाई। 571 आवंटी पत्रकारों के 30वे जत्थे में वरिष्ठ पत्रकार धर्मेंद्र मंगल, हनुमान सहाय शर्मा, गोपाल शर्मा और लोकेश चंदेल ने अधिकारियों को बताया कि साल 2010 में जब 571 पत्रकारों ने नायला योजना में आवेदन किए थे, तभी 5 वर्ष से अधिक पत्रकारिता का अनुभव प्रमाण पत्र दे चुके हैं। सभी 571 पत्रकार साल 2005 से पहले से पत्रकारिता कर रहे हैं। सभी आवंटी पत्रकार आज 18 साल से अधिक पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं और वरिष्ठता में भी योग्य और अनुभवी हैं, लेकिन उनके आवंटित प्लॉट अब तक नहीं दिए जा रहे हैं। 571 आवंटी पत्रकार कहीं भी गलत नहीं हैं तो उनके प्लॉटों के कब्जा पत्र शीघ्र जारी होने चाहिए। मुख्यमंत्री जी ही पत्रकारों के साथ हो रहे अन्याय को दूर कर सकते हैं। पत्रकारों को सीएमआर आते 37 दिन हो गए हैं, इसलिए उनसे शीघ्र मिलाया जाए। इस पर उप सचिव ने कहा कि उनकी बात और आवंटन दस्तावेज वे ऊपर पहुंचा देंगे। मुख्यमंत्री जी जब तय करेंगे पत्रकारों से मिल लेंगे। चलो नायला संगठन के प्रतिनिधियों ने बताया कि सीएम से मिलने तक उनका सीएमआर में दैनिक सुनवाई में पहुंचने का क्रम जारी रहेगा।