करौली - विनोद कुमार जांगिड़।
करौली जिले के सपोटरा में नाली खुदाई करते समय जेसीबी मशीन की चपेट मे आये शिव मन्दिर के मलबे मे दबी दूसरी महिला की मौत पर आक्रोशित सर्व समाज के लोगों ने मृतक महिला के शव को सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया है। जिसके बाद गुरुवार को जिला प्रशासन और धरनार्थियों के बीच बनी सहमति के बाद 48 घंटे बाद महिला का अंतिम संस्कार किया गया।
यह था मामला।
दरअसल उपखंड मुख्यालय सपोटरा में 17 जनवरी 2023 को नाली निर्माण खुदाई कार्य करते समय जेसीबी की टक्कर से शिव मंदिर को ठेकेदार के कार्मिकों ने मनमानी पूर्वक गिरा दिया था। मंदिर के गिरने से मंदिर के भीतर पूजा कर रही सीमा देवी और कांति देवी सहित अन्य लोग मलबे में दब गए इस पर लोगों ने मलबे में दबे श्रद्धालुओं को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया तो गंभीर घायल होने पर चिकित्सकों ने सीमा देवी और कांति देवी को जयपुर रेफर कर दिया गंभीर रूप से घायल सीमा देवी ने जयपुर पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ दिया लेकिन दूसरी गंभीर घायल महिला कांति देवी का पिछले 15 दिनों से जयपुर सवाई मानसिंह अस्पताल में उपचार चल रहा था। जिसने मंगलवार को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। जिसके बाद जैसे ही कांति देवी का शव सपोटरा पहुंचा तो सर्व समाज के लोगों ने सपोटरा में धरना शुरू कर दिया। शिव मंदिर को गिराने और मलबे में दबने से कांति देवी की मौत होने से गुस्साए सर्व समाज ने घटना को लेकर नाराजगी जताते हुए सपोटरा पहुंच कर धरना स्थल को समर्थन दिया है और पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग की है। जिसके बाद जिला प्रशासन और सर्व समाज के लोगों के बीच लगातार वार्ताओं का दौर चला, लेकिन बात नहीं बनी जिसके बाद करौली से अतिरिक्त जिला कलेक्टर मुरलीधर प्रतिहार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश जैफ ने धरनास्थल पर पहुंचकर लोगों से समझाईश करते हुए मृतक महिला का अंतिम संस्कार करने की बात कही। फिर भी लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे जिसके बाद जिला प्रशासन और लोगों के बीच दूसरी वार्ता का दौर चला। जिसके बाद प्रशासन और धरना दे रहे लोगों के बीच सहमति बन गई और 48 घंटे बाद मृतक महिला का अंतिम संस्कार किया गया।
इन मांगों पर बनी सहमति।
अतरिक्त जिला कलेक्टर मुरलीधर प्रतिहार ने बताया कि वार्ता में आए प्रतिनिधियों के साथ प्रशासन की सहमति बन गई है। उन्होंने बताया कि मृतक महिला के पीड़ित परिजनों को चिरंजीवी योजना के तहत 5 लाख रूपये की सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा पीड़ित परिवार को सरकार की जो भी योजना होंगी उन से लाभान्वित कराया जाएगा। जिसके बाद वार्ता में आए प्रतिनिधि मंडल ने धरना समाप्त करने की घोषणा की है।

0 टिप्पणियाँ