बाड़मेर ब्यूरो रिपोर्ट। 

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राजस्थान सरकार को चेतावनी दी है कि वह पेट्रोलियम रिफाइनरी के बकाया 2500 करोड़ रुपये केंद्र को दे अन्यथा प्रदेश की रिफाइनरी में हिस्सेदारी 26% से घटकर 16% रह जाएगी। यह बात पुरी ने मंगलवार को पचपदरा में रिफाइनरी निर्माण का निरीक्षण करते समय कही। इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए पुरी ने लाहा कि जब पचपदरा रिफाइनरी का प्रोजेक्ट तय हुआ था तब इसमें केंद्र की हिस्सेदारी 74% और राजस्थान की हिस्सेदारी 26% तय हुई थी। पुरी के अनुसार 2017 में इस पोरजेक्ट की अनुमानित लागत 43 हजार 129 करोड़ रुपये आंकी गई थी। बीच में में कोरोना महामारी के  रिफाइनरी का काम रुक गया और 2017 से 2021-22 के बीच स्टील के दामों में 45% बढ़ोतरी हो गई। इस अनुपात में रिफाइनरी की लागत भी बढ़ गई और अगस्त 2021 तक राजस्थान को इस मद में केंद्र को 2500 करोड़ रुपये अतिरिक्त देना था। अब जबकि रिफाइनरी की लागत 72 हजार करोड़ रुपये हो गई है तो राजस्थान सरकार अपने बकाया 2500 करोड़ नहीं दे पा रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि राजस्थान सरकार ये 2500 करोड़ रुपये चुका देता देती है तो प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़कर 40% तक हो सकती है। ऐसा ना होने की स्थिति में केंद्र रिफाइनरी के निर्माण को पूरा करवाएगा लेकिन राजस्थान सरकार की हिस्सेदारी घटकर 16% रह जाएगी।