जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान उच्च न्यायालय में राजेंद्र सिंह राठौड़ ने जनहित याचिका प्रस्तुत कर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा विधायकों के त्यागपत्र स्वीकार नहीं करने के खिलाफ जनहित याचिका प्रस्तुत की है। जिसमें 6 तारीख को सुनवाई है। आज अधिवक्ता पूनम भंडारी की ओर से डाक्टर टी एन शर्मा व इंद्रजीत खथूरिया एडवोकेट ने जनहित याचिका में पक्षकार बनने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है और कहा कि राजेंद्र सिंह राठौड़ द्वारा प्रस्तुत जनहित याचिका चलने योग्य नहीं है। क्योंकि इसमें जनता का कोई हित नहीं है बल्कि याचिकाकर्ता एवं उसकी पार्टी का हित है। वह विधायक है और यह चाहते हैं कि 91 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार हो जाए तो उनकी सरकार बन जाएगी। जनहित याचिका सिर्फ जनता के हित के लिए या पब्लिक रॉन्ग या पब्लिक इन्जूरी के खिलाफ जनहित याचिका प्रस्तुत की सकती है। जिसमें याचिकाकर्ता का हित नहीं होना चाहिए। लेकिन राजेंद्र सिंह राठौड़ ने याचिका पब्लिसिटी के लिए और सत्ता में आने के लिए लगाई है। इसलिए उन्हें पक्षकार बनाया जाए और इस याचिका पर कोई आदेश करने से पूर्व उन्हें सुना जाए और याचिका को खारिज किया जाए।