भरतपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
महाराजा सूरजमल के स्मृति समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पुष्पांजलि अर्पित करने भरतपुर पहुंचे। इस दौरान सीएम गहलोत ने केंद्र की भाजपा सरकार के मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर जमकर हमला बोला। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि पता नहीं कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने वचन से बदल रहे हैं। हम फिर भी पूरा प्रयास कर उन्हें ईआरसीपी के लिए राजी कर लेंगे, लेकिन जल शक्ति मंत्री क्यों निकम्मापन दिखा रहे हैं। वो प्रधानमंत्री से जाकर बात करते तो वो मना नहीं करते और ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना में शामिल कर लेते।
हाकिम वही है, हुकम नहीं बदलना चाहिए।
ईआरसीपी को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पूर्वी राजस्थान में मीठे पानी की समस्या का स्थाई समाधान ईआरसीपी ही है। उन्होंने कहा कि हकीम बदल जाता है लेकिन हुकुम नहीं बदलता, लेकिन यहां तो हाकिम भी वही पुराने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, फिर पता नहीं कैसे वह अपने वचन से बदल रहे हैं। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अजमेर में ईआरसीपी योजना को लेकर सकारात्मक पहल का वादा किया था। पूर्वी राजस्थान में मीठे पानी का संकट है। 13 जिलों में मीठे पानी की समस्या का ईआरसीपी ही एकमात्र समाधान है। उन्होंने कहा कि ईआरसीपी योजना मेरी प्राथमिकता है। मैं किसी भी तरह से प्रधानमंत्री को इसे लागू करवाने के लिए राजी कर लूंगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधते हुए कहा कि जल शक्ति मंत्री अपने प्रदेश के हैं। राजस्थान ने 25 सांसद दिए हैं लेकिन फिर भी सभी लोग मिलकर ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना में शामिल नहीं करवा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि जल शक्ति मंत्री, प्रधानमंत्री से बात करते तो क्या वो उनको मना कर सकते हैं, लेकिन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इसमें निकम्मापन क्यों दिखा रहा है।
भय होगा तब काम होगा।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि 13 जिलों में पूरे प्रदेश की 40% आबादी निवास करती है। यदि ये सभी एकजुट हो जाएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह मैसेज जाएगा कि ये आगामी चुनावों में हमारा सफाया कर देंगे, तभी ईआरसीपी को ये राष्ट्रीय परियोजना घोषित करेंगे।
हमने भरतपुर संभाग का ध्यान रखा।
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि चुनावों में पूर्वी राजस्थान ने हमारा पूरा साथ दिया और आप ही के दम पर हमने सरकार बनाई, लेकिन हमने भी भरतपुर संभाग का पूरा ध्यान रखा। आजादी के बाद पहला मौका ऐसा है जब भरतपुर के करीब सभी विधायकों को मंत्री बना दिया। आजादी के बाद पहली बार पूर्वी राजस्थान को इतने महत्वपूर्ण विभाग मिले होंगे। एक तरह से हमने सभी को एडजेस्ट किया है।
घना अभ्यारण पर जताई चिंता।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के वर्तमान हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि घना की वजह से ही भरतपुर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। पहले यहां के लिए भरपूर पानी आता था और बहुत पक्षी भी आते थे, लेकिन अब यहां पर पानी की समस्या खड़ी हो गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने करौली के सभी समाज के लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि पांचना बांध का पानी छोड़ने दें जिससे सभी समाज के लोगों के साथ ही घना का भी भला हो जाए। उन्होंने कहा कि वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ एक बार घना आए थे और रात्रि विश्राम किया था। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी कारवां लेकर भारत को जोड़ने के लिए निकल पड़े हैं। वो एक तरह से कॉमरेड हैं, गरीबों के हितेषी हैं। गहलोत ने कहा कि मेरे दिल में भी ये भाव है कि मेरा जीवन भी गरीबों की सेवा में कटे। इसीलिए में सभी योजनाएं गरीबों को ध्यान में रखकर बनाता हूं, चाहे मेडिकल की हो, शिक्षा की या फिर पेंशन की हो। गहलोत ने कहा कि मैं पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह को भी कॉमरेड महाराज बोलता हूं। ये सादा कुर्ता पायजामा पहनते हैं। मैंने इन्हें कभी सूट पहनते नहीं देखा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी फ्लैगशिप योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सभी योजनाएं ऐसी हैं जिनसे गरीब पर महंगाई की मार का प्रभाव कम होता है। आगामी दिनों में भी हमारा यह प्रयास रहेगा कि गरीबों के लिए कुछ विशेष पैकेज तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि बीते 50 साल में पूरे प्रदेश में 250 कॉलेज खोले गए लेकिन हमारे पिछले 4 साल के कार्यकाल में पूरे प्रदेश में 211 नए कॉलेज खोल दिए गए हैं। भरोसा दिलाया कि आगामी दिनों में भरतपुर संभाग का और अच्छा विकास होगा।