जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
डीजीपी उमेश मिश्रा ने सभी रेंज आईजी और जिला एसपी के साथ अपने कार्यकाल की दूसरी क्राइम मीटिंग ली। मीटिंग के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर रेंज आईजी व जिला एसपी की राय जानी गई। इसके साथ ही डीजीपी की ओर से कानून व्यवस्था व पेंडेंसी को लेकर भी अनेक दिशा निर्देश दिए गए। मीटिंग के दौरान डीजीपी उमेश मिश्रा ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रत्येक जिला एसपी को अपने-अपने जिले में एक थाने का चयन करने के लिए कहा है, जहां पर तैनात पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा।
3 से 4 दिन में थाने चुनेंगे एसपी।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने के लिए डीजीपी उमेश मिश्रा ने प्रत्येक जिले के एसपी को 3 से 4 दिन के अंदर एक थाने का चयन कर उसकी सूचना पुलिस मुख्यालय को देने के निर्देश दिए हैं। जिस थाने को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में साप्ताहिक अवकाश के लिए चुना जाएगा वहां सबसे पहले नफरी की कमी को पूरा किया जाएगा। इसके बाद 14 जनवरी से साप्ताहिक अवकाश देना शुरू किया जाएगा।पायलट प्रोजेक्ट में साप्ताहिक अवकाश की प्रक्रिया सफल रहने पर जिले के सभी थानों में साप्ताहिक अवकाश की शुरुआत की जाएगी। वर्ष 2023 में होने वाली पहली क्राइम मीटिंग में पायलट प्रोजेक्ट की समीक्षा की जाएगी और उसके आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में नए साल की शुरुआत के साथ ही चयनित किए गए थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश मिलना शुरू हो जाएगा। वर्तमान में अजमेर जिले के एक थाने में तैनात पुलिसकर्मियों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में साप्ताहिक अवकाश दिया जा रहा है। गौरतलब है कि इसी साल जनवरी में जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात पुलिसकर्मियों को 15 दिन में एक बार 24 घंटे का रेस्ट देने की नई व्यवस्था शुरू की है। इसके लिए रिजर्व पुलिस लाइन जयपुर में तैनात तकरीबन 4000 पुलिसकर्मियों का एक डेटाबेस तैयार किया गया। कंप्यूटराइज एप के जरिए रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी का रोटेशन तय किया गया। जिसके तहत हर 15 दिन में पुलिसकर्मियों को 24 घंटे का रेस्ट दिए जाने की व्यवस्था की गई।

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