जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
सेकंड ग्रेड टीचर परीक्षा पेपर लीक को लेकर गहलोत सरकार लगातार घिरती जा रही है। राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने गहलोत सरकार को निशाने पर लेते हुए जांच एजेंसियों पर सवाल खड़ा किया है। साथ ही पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। सांसद मीणा ने कहा कि आरपीएससी से पेपर लीक हो रहा है, क्योंकि जांच एजेंसी एसओजी के अधिकारी इसमें मिले हुए हैं। मामले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए। मीणा ने कहा कि पेपर लीक में कांग्रेस सरकार के 3 मंत्री और 5 विधायक भी शामिल हैं, इसलिए सरकार निष्पक्ष जांच नहीं करवा पा रही है। उन्होंने कहा कि सेकंड ग्रेड टीचर एग्जाम और इससे पहले जितने भी पेपर आउट हुए, उनकी जांच सीबीआई से करवाई जाए, नहीं तो मजबूरन कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा में एक के बाद एक पेपर लीक हो रहे हैं। अब तक 10 परीक्षाओं को निरस्त किया गया है। सभी पेपर लीक आरपीएससी से हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि 15 दिन पहले ही अध्यापक भर्ती परीक्षा का पेपर सुरेश ढाका और उसके दोस्त भूपेंद्र को मिला था। इसकी जानकारी 15 दिन पहले ही ज्ञापन के जरिए RPSC को देकर जांच की मांग भी की थी। उस वक्त चेयरमैन ने कहा था गोपनीय शाखा पेपर को हैंडल नहीं करती है। उन्होंने गुमराह करने वाला बयान दिया था कि मॉडरेटर के यहां से पेपर लीक हुआ है। यानी RPSC से पेपर लीक हुआ है। मीणा ने कहा कि चेयरमैन में थोड़ी भी नैतिकता है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। पेपर आरपीएससी और एसओजी की मिलीभगत से आउट हो रहे हैं। सरकार को इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश करनी चाहिए, ताकि प्रदेश के युवाओं को न्याय मिल सके।किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि एक बड़ी गैंग है जो लगातार पेपर लीक कर रही है। मीणा ने कहा कि इस बार पेपर लीक हुए उसमें दो दर्जन से ज्यादा बसों का इस्तेमाल किया गया। बसों में अलग-अलग जिलों में पेपर देकर अभ्यर्थियों को भेजा गया। इसकी जांच होनी चाहिए। मीणा ने कहा कि महेंद्र विश्नोई हैकर है जो ऑनलाइन पेपर हैक करता है। सुरेश ढाका मुख्य सरगना है। इसके अलावा कांग्रेस सरकार के तीन मंत्री, 5 विधायक इसमें शामिल हैं। मीणा ने कहा कि इनमें से 2 मंत्री तो मुख्यमंत्री खासमखास हैं। इसीलिए कार्रवाई नहीं हो रही है। मीणा ने कहा कि पेपर लीक प्रकरण में RPSC के साथ कुछ पुलिस और SOG के लोग भी शामिल हैं। सरकार अपने लोगों पर कार्रवाई करने से बच रही है। किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि जिस तरीके से पेपर लीक में बड़े-बड़े लोगों का नाम शामिल है। सरकार के उन से सीधे संपर्क हैं। बदनामी से बचने के लिए सरकार जांच को गुमराह कर रही है। मीणा ने कहा कि मामले की जांच सीबीआई से हो, इसके लिए जल्दी गांधीवादी तरीके से आंदोलन किया जाएगा। सरकार फिर भी नहीं मानती है तो इन तमाम सबूतों के साथ एक बार फिर कोर्ट के जरिए सीबीआई जांच की अर्जी लगाई जाएगी। मीणा ने कहा कि जब तक सीबीआई से मामले की जांच नहीं होगी तब तक मुख्य आरोपियों के पकड़े जाने में संदेह है। किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि राजस्थान में जल्द ही ईडी की एंट्री होने वाली है। जैसे ही ठंड कम होगी राजस्थान में ईडी की कार्रवाई देखने को मिलेगी। मीणा ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के कई मामलों में ईडी को शिकायत दी गई है। ईडी ने प्रारंभिक जांच अपने स्तर पर कर ली है। अब जल्दी उसका एक्शन भी देखने को मिलेगा।

0 टिप्पणियाँ