हनुमानगढ़ ब्यूरो रिपोर्ट।
रामलीला मैदान में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। इसमें श्रद्धालु जमकर थिरके। इस मौके पर पूरा कथा परिसर भगवान श्री कृष्ण के जयकारों तथा नंद के आनन्द भयो, जय कन्हैयालाल की जय से गूंजायमान हो उठा। कथा के दौरान मारूतिनंदन शास्त्री महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कर धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा जब-जब अत्याचार और अन्याय बढ़ता है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। जब कंस ने सभी मर्यादाएं तोड़ दी तो प्रभु श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। यहां पर जैसे ही श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग कथा में आया तो श्रद्धालु हरे राधा-कृष्ण के उदघोष के साथ नृत्य करने लगे। वामन भगवान (प्रतीक काकड़) की झांकी ने सभी को अभिभूत कर दिया। वृंदावन धाम से पधारे मारूतिनंदन महाराज ने कृष्ण जन्मोत्सव व हिरणाकश्यप-प्रहलाद के प्रसंग तथा गजेंद्र मोक्ष की कथा सुनाकर सभी को भाव विभोर कर दिया। पूज्य गुरुजी ने हे गोपाल राधे कृष्ण गोविंद गोविंद…., चली जा रही हैं ये अनमोल सांसें जो कुछ बची है उन्हीं को बचा लो…, कृष्ण कहने से तर जाएगा पार भव से उतर जाएगा…,श्यामसुंदर सदा हमको प्यारे रहें हम उन्हीं के रहें वो हमारे रहें…,पायो जी मैं तो राम रतन धन पायो…भजन सुनाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। इससे पहले पार्षद सुशील खदरिया ने सपत्नीक पूजन कर कथा का शुभारंभ कराया। इस दौरान गणेश मंदिर के पुजारी कृपाराम का स्वागत किया गया।