अलवर ब्यूरो रिपोर्ट।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार बालिका शिक्षा को विशेष तरजीह देते हुए प्रदेश में निरन्तर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पहली कक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक राज्य सरकार द्वारा बालिकाओं को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। मंत्री जूली अलवर जिले के प्रताप ऑडिटोरियम में मेवात शिक्षा पंचायत एवं राजस्थान राइजिंग के सौजन्य से आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित अल्पसंख्यक समाज की प्रतिभावान बालिकाओं व उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेवात में किशोर बालिकाओं की शिक्षा एवं सशक्तिकरण पर राज्य सरकार विशेष फोकस करते हुए सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने मेवात में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्य कर रही स्वयंसेवी संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही ये संस्थाएं निश्चित तौर पर बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि मेवात की बालिकाओं के लिए मेवात आवासीय विद्यालय वरदान साबित हो रहे हैं जिसमें अनुसूचित जाति, जनजाति व बीपीएल वर्ग की बालिकाऐं अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्किल डवलपमेंट, विषम परिस्थितियों का सामना करने के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रतिवर्ष किशोरी शैक्षणिक मेले आयोजित कर समाज में बालिकाओं की स्थिति को मजबूत एवं उनके बौद्धिक संवर्धन की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महिलाओं व बालिकाओं के सर्वांगीण उत्थान के लिए इन्दिरा महिला शक्ति उड़ान योजना, उद्यम प्रोत्साहन योजना एवं निःशुल्क आरएससीआईटी कंप्यूटर कोर्स जैसी अहम सौगातें दी है। वहीं मुख्यमंत्री राजश्री योजना के माध्यम से बालिकाओं को 6 किस्तों में 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। कार्यक्रम में संस्था द्वारा 110 बालिकाओं को 11 लाख रुपये की राशि के चेक सौंपे गए।इस अवसर पर राजस्थान यूनिसेफ हेड इजाबेल बाईडेन, चाइल्ड प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट संजय निराला, कार्यक्रम संयोजक नूर मोहम्मद, सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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