चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी।
विश्व प्रसिद्ध चित्तौड़ दुर्ग के पहले दरवाजे पाडल पोल के समीप करीब 50 वर्ष पुराना नीम का पेड़ प्राचीन जेल की दीवार पर गिर कर गया। जिसके चलते दुर्ग पर जाने वालों को यातायात पुलिस के जवानों ने रोक लिया। करीब 4 घंटे तक दुर्ग मार्ग पूरी तरह से यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया। वहीं दुर्ग मार्ग के दोनों ही तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं ।इसके बारे में जानकारी देते हुए क्षेत्रीय पार्षद प्रतिनिधि मनोज सुखवाल ने बताया कि दुर्ग प्रवेश के पहले दरवाजे पांडल पोल के समीप करीब 50 वर्ष पुराना नीम का पेड़ आज अचानक से जड़ से निकलकर रोड के बाई तरफ बनी पुरानी जेल की दीवार पर गिर गया। जिससे प्राचीन जेल की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इस घटना के बाद इसके दुर्ग पर आवागमन भी बाधित हुआ है। इसकी सूचना नगर परिषद और पुलिस प्रशासन को दी गई। सूचना मिलने पर नगर परिषद से एक जेसीबी और पेड़ों को काटने के लिए सिविल डिफेंस की टीम भी मौके पर पहुंचे और करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद यातायात को सुचारू बनाया गया। जब इसके बारे में पुरातत्व विभाग के एएसआई प्रेमचंद शर्मा से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने इस धरोहर को पुरातत्व विभाग की धरोहर होने से ही इंकार कर दिया। उनका कहना था कि यह पुरानी जेल की बिल्डिंग है और यह वर्तमान में जिला प्रशासन के काम आ रही है तो इसके बारे में जानकारी प्रशासनिक अधिकारी ही दे सकेंगे की दीवार को कितनी क्षति हुई है।