डूंगरपुर-प्रवेश जैन।
स्पेन से आई चार महिला शोधार्थि डूंगरपुर जिले के चुंडियावाडा गाँव में एक पखवाड़े तक रहकर वागड़ की लोक संस्कृति से रूबरू हुई। इस दौरान शोधार्थियों ने डूंगरपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रो के देवी मंदिरों में दर्शन किये वही सरकारी व निजी स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को खेल-खेल में शिक्षा दी। साथी ही शोधार्थियो ने गाँव में रहकर जैविक खेती के भी गुर सीखे। कोरोना काल के गुजरने के बाद स्पेन से आई चार विदेशी शोधार्थियों का दल जिले के चुण्डियावाड़ा गांव में एक पखवाड़े से रहकर यहां की सांस्कृतिक, जैविक खेती, शिक्षा, देवी मंदिरों आदि का अवलोकन किया। वागड क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों का जायजा लिया एवं लोगो से संवाद करते हुए यहां के वातावरण से बहुत खुश हुए।  चुण्डियावाड़ा गांव में  विगत 2006 से विदेशी पर्यटक गांव में आते है व जिले सहित संभाग के क्षेत्रों का दौरा कर भारतीय संस्कृति के साथ यहां की शिक्षा, जैविक खेती के गुर सीखते है। 23 जुलाई को स्पेन के ब्रारसोना से सिल्विया मारिनेज सास, लिया गेरिगा ब्रूलेस, मिरिया रोयो सगुरा, जूलिया मारिनेज चुण्डियावाड़ा के ईश्वरसिंह राठौड़ के फार्म हाउस पर रहकर जैविक खेती के साथ साथ यहां के धार्मिक स्थलों सहित क्षेत्र गांवो का दौरा कर यहां की भौतिक, सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी ली। यह चारो शोधार्थी पेशे से राजकीय शिक्षिका है। एवं  ईश्वरसिंह निजी विद्यालय में शिक्षक व वल्ड वाइंड  ऑर्गेनिक संगठन के सदस्य है जिसके चलते विदेशी शोधार्थी इनसे सम्पर्क में रहकर जानकारी जुटाने गांवों में आते है। विगत 14 वर्षों से यह सिलसिला बना हुआ है। 
विद्यार्थियों को दिया खेल खेल के साथ शिक्षा का ज्ञान।
स्पेन से आई शोधार्थियों ने 12 दिनो तक विद्यार्थियों को खेल खेल में शिक्षा का ज्ञान दिया। वही शोधार्थियों ने बच्चो के संग गुजराती गरबों एवं म्यूजिक पर नृत्य किया। स्पेन से आए हुए चारों अध्यापकों ने गुरुकुल उच्च माध्यमिक विद्यालय पूंजपुर में बारह दिन तक अपनी सेवाएं दी एवं विद्यार्थियों को खेल-खेल में शिक्षा देना एवं अलग-अलग प्रकार की गतिविधियों से विद्यार्थियों को रोमांचित एवं आकर्षित किया।