जयपुर/कोटा ब्यूरो रिपोर्ट।
जयपुर और कोटा में आयकर विभाग की छापामार कार्रवाई जारी है। होटल, रियल स्टेट और ज्वेलरी कारोबारी ग्रुप पर छापामार कार्रवाई की जा रही है। आयकर विभाग ने बुधवार सुबह कारोबारी के करीब 36 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई शुरू की थी जो लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। कारोबारी के ठिकानों पर बुधवार को हुई कार्रवाई में काली कमाई के कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। साथ ही बेनामी निवेश से जुड़े दस्तावेज भी बड़ी संख्या में बरामद हुए हैं। इंफ्रा प्रोजेक्टों में बेनामी निवेश की भी आशंका है। जानकारी के अनुसार कारोबारी समूह के आवास, दफ्तर और गोदामों पर आयकर विभाग की टीम मौजूद है। करीब 45 करोड़ से अधिक टैक्स चोरी उजागर होने की संभावना जताई गई है। गुरुवार को एक दर्जन बैंक लॉकर खोलने की तैयारी की। इस वीकेंड तक आयकर विभाग की कार्रवाई जारी रह सकती है। गौरतलब है कि इनकम टैक्स चोरी की सूचनाओं पर बुधवार सुबह आयकर विभाग ने जयपुर और कोटा में कारोबारी के करीब 36 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई शुरू की थी। छापेमार कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपए के लेनदेन के दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आ रही है। दस्तावेज फ्लैट और इंफ्रा प्रोजेक्ट में निवेश से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। हालांकि अभी रिकॉर्ड की जांच पड़ताल की जा रही है। राजधानी जयपुर में मालवीय नगर, अजमेर रोड, टोंक रोड, त्रिपोलिया बाजार, सी स्कीम, जोहरी बाजार, एमआई रोड, वैशाली नगर समेत अन्य जगहों पर छापेमार कार्रवाई चल रही है। यह कार्रवाई आशीष ग्रुप के ठिकानों पर की जा रही है। वहीं कोटा में देवाशीष सिटी समेत अन्य जगहों पर कार्रवाई चल रही है। सूत्रों की मानें तो छापेमार कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में अघोषित निवेश, नकदी और ज्वेलरी सामने आई है। भारी मात्रा में नकदी, ज्वेलरी और प्रॉपर्टी में निवेश समेत लॉकर्स की चाबियां विभाग के अधिकारियों के हाथ लगी है। ऐसे में करोड़ों रुपए की अघोषित आय उजागर होने की आशंका जताई जा रही है। आयकर विभाग की कार्रवाई इस पूरे सप्ताह जारी रहने की संभावना है। अधिकारी कारोबारी और उसके सहयोगियों से भी पूछताछ करके जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। कारोबारी के आवास, दफ्तर, शोरूम और निर्माण इकाइयों पर आयकर विभाग की टीमें छापेमारी कार्रवाई कर रही है। वहीं कारोबारी के ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई से अन्य सहयोगियों में भी हड़कंप मच गया है। कई बड़े कारोबारी, बिल्डर और शिक्षण सेवाओं से जुड़े लोग भी आयकर विभाग की रडार पर हैं। जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग को काफी दिनों से कारोबारी के ठिकानों पर काली कमाई का इनपुट मिल रहा था, जिसके बाद आयकर विभाग के अधिकारियों ने टीम का गठन करके छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया है।