सीकर ब्यूरो रिपोर्ट।
सीकर के खाटूश्यामजी मंदिर में एकादशी के मौके पर मची भगदड़ में तीन महिलाओं की मौत के बाद आक्रोश रैली निकाली गई।दांतारामगढ़ कांग्रेस विधायक वीरेन्द्र सिंह ने मंदिर कमेटी पर आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं के लिए उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण इस तरह का हादसा हुआ। अगर मंदिर कमेटी सदस्य भीड़ को देखते हुए दर्शनों की उचित व्यवस्था करते तो ऐसा हादसा नहीं होता। दांतारामगढ़ कांग्रेस विधायक वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि करोड़ों रुपए दान आने के बाद भी मंदिर प्रशासन केवल वीआईपी दर्शनों के नाम पर जेब भरने का काम कर रहा है। कांग्रेस विधायक वीरेन्द्र सिंह ने मंदिर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपने कार्यकर्ताओं के साथ मंदिर तक रैली निकाली। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने मंदिर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जब कार्यकर्ता मंदिर कमेटी के ऑफिस पहुंचे तो वहां पर ताला लगा हुआ था। जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने आक्रोश जताते हुए बाहर लगे ताले को तोड़ दिया और धरने पर बैठ गए। दांतारामगढ़ कांग्रेस विधायक वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि दूर दराज से श्रद्धालु अपने श्याम की एक झलक पाने के लिए पहुंचते है। लेकिन मंदिर प्रशासन इतनी भीड़ को देखते हुए भी पुख्ता इंतजाम करने में फेल रहा है। उन्होंने कमेटी पर आरोप लगाया कि श्याम बाबा के दर्शन के लिए यहां पर वीआईपी दर्शन प्रणाली चलती है। वीआईपी दर्शन के जरिए जमकर लूट खसोट मचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सेठों को 5 लाख रूपये की राशि लेकर स्थाई वीआईपी पास जारी कर दिया जाता है। ऐसे में उन्होंने मांग की मंदिर में चलने वाली वीआईपी दर्शन प्रणाली को खत्म किया जाए ताकि आम आदमी आराम से दर्शन कर सकें। उल्लेखनीय है कि मंदिर कमेटी ने मंदिर निर्माण के लिए लगभग 35 करोड़ की राशि एकत्रित कर रखी है। जानबूझकर मंदिर का निर्माण कार्य नहीं कराया जा रहा है। इसके चलते हैं मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन करने के लिए अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाई कोर्ट ने भी निर्माण कार्य कराने की बात कही थी। मौजूदा स्थिति में मंदिर कमेटी के पदाधिकारी परिवार विशेष के लोग ही शामिल है । ऐसे में पदाधिकारी पढ़े-लिखे नहीं होने के कारण मंदिर की व्यवस्थाएं अधिक खराब हो रही है देवस्थान विभाग इस मामले में उचित कदम उठाते हुए मंदिर के निर्माण कार्य अपने अधीन ले लेना चाहिए।