अजमेर ब्यूरो रिपोर्ट।
अजमेर दरगाह के अंजुमन सैय्यद जादगान के सचिव सरवर चिश्ती पीएम मोदी से लेकर जांच एजेंसियों के निशाने पर रहे कई संगठनों पर भड़काऊ बयानबाजी करते रहे हैं। अब उनका एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वह पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की तरफदारी करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में नूपुर शर्मा के साथ विवादित डिबेट करने वाला तस्लीम रहमानी भी हैं।पीएफआई पर जांच एजेंसियां हमेशा सवाल उठाती रही हैं और कई आतंकी घटनाओं को लेकर भी इससे जुड़े लोगों से पूछताछ हुई है। हाल ही में पटना में भी पीएफआई और एसडीपीआई से जुड़े 20 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। एजेंसियां पीएफआई को आतंकी संगठन सिमी का बदला रुप मानती हैं।चिश्ती का यह वीडियो अजमेर का बताया जा रहा है, लेकिन यह कब का है इसको लेकर जानकारी नहीं है। उसके साथ पीएफआई  पदाधिकारी और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के नेता भी वीडियो में हैं। इसमें एसडीपीआई नेता तस्लीम रहमानी, PFI का अनीस, एसडीपीआई का जनरल सेक्रेटरी मोहम्मद शफी, राजस्थान PFI अध्यक्ष आसिफ शामिल है। साल 2009 में बनी सोशल एसडीपीआई को इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का ही राजनीतिक संगठन माना जाता है। हाल में बिहार के पटना में PM नरेंद्र मोदी के दौरे से एक दिन पहले 11 जुलाई काे आईबी के इनपुट पर बिहार पुलिस ने कार्रवाई कर आतंकियों के नेटवर्क का खुलासा किया था। इस दौरान पकड़े गए 3 आरोपियों के पास इंडिया 2047 नाम का 7 पेज का डॉक्यूमेंट भी मिला था। इसमें दर्ज प्लान पर काम करते हुए वो अगले 25 साल में भारत को मुस्लिम राष्ट्र बनाना चाहते थे। इस साजिश में शामिल जिन 26 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई, वो सभी आरोपी PFI और एसडीपीआई से जुड़े हुए है। इससे पहले साल 2006 में मुंबई और 2008 में अहमदाबाद विस्फोटों में पीएफआई का नाम आया था। 26 जून को अजमेर में सकल हिन्दू समाज ने शांति मार्च निकाला था। इसके बाद सैय्यद सरवर चिश्ती का एक वीडियो सामने आया। जिसमें वो कह रहा है कि मुस्लिम समाज ने नुपूर शर्मा की गिरफ्तारी को लेकर जुलूस निकाला था, लेकिन इसके बाद हिन्दू समाज ने जुलूस क्यों निकाला? इससे भावनाएं आहत हुई और मुसलमान ये कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रशासन की दी गई जुलूस निकालने की इजाजत से जले पर नमक छिड़कने का काम हुआ है। इससे हम दुखी है। वहीं एक दूसरे वीडियो में वो 15 जून को अंजुमन सैय्यद जादगान के चुनाव के बाद संबोधित करते दिखा कि ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह व नबी की शान में गुस्ताखी कभी कबूल नहीं करेंगे और अगर ऐसा करोगे तो पूरा हिन्दुस्तान हिल जाएगा। हाल ही में सैय्यद सरवर चिश्ती के बेटे आदिल चिश्ती का भी वीडियो सामने आया था, जिसमें वो नुपूर शर्मा सहित हिंदू देवी-देवताओं को लेकर बेहद आपत्तिजनक बयानबाजी करता दिखा। इस वीडियो पर बवाल होने के बाद बुधवार रात आदिल ने फिर से एक वीडियो पोस्ट कर माफी भी मांगी। 10 साल पहले कर्नाटक में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के मंच से सार्वजनिक तौर पर भाषण देते हुए सैयद सरवर चिश्ती ने तब नरेंद्र मोदी के पीएम बनने की अटकलों पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि अगर मोदी प्रधानमंत्री बन गए तो कोई ताज्जुब नहीं होगा कि सभी मुसलमान आतंकवादी बन जाएं। इसके बाद उस पर वहां मामला भी दर्ज हुआ था।