जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
रेवेन्यू बोर्ड अजमेर में अधिवक्ता कोटे से बनने वाले सदस्य का कोटा बढ़ाए जाने की मांग को लेकर एवं रेवेन्यू बोर्ड में राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की तरह ही 56 वर्ष की जगह योग्यता 45 वर्ष रखे जाने की मांग को लेकर सभी अधिवक्ता ने अपने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया और अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रथम दिनेश शर्मा को ज्ञापन सौपा। अधिवक्ताओं ने बताया कि दी डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन जयपुर द्वारा लगातार इस मांग को उठाया जाता रहा है। रेवेन्यू बोर्ड अजमेर में वर्षों से चला आ रहा अधिवक्ता कोटा बढ़ाए जाने की मांग लगातार की जा रही है। जब राजस्थान उच्च न्यायालय में न्यायाधीश बनने की उम्र 45 वर्ष रखी गई है तो रेवेन्यू बोर्ड में 56 वर्ष क्यों रखी जा रही है। पूर्व में इन्हीं मांगों को लेकर न्यायिक कार्य स्थगित रखे गए थे और अधिवक्ता समुदाय लगातार पिछले कई वर्षों से रेवेन्यू बोर्ड में मेंबर बनने के लिए अधिवक्ता कोटे से पद बढ़ाने की मांग कर रहा है। अगर हमारी मांग पूरी नहीं की जाती है तो हम पूरे राजस्थान के अधिवक्ताओं को साथ लेकर आंदोलन करेंगे। मुख्यमंत्री से मांग की जाती है कि वह अधिवक्ताओं की जन भावनाओं को देखते हुए वर्षों से चले आ रहे कोठे को बढ़ाएं। साथ ही उच्च न्यायालय की तर्ज पर उम्र 56 वर्ष की जगह  45 वर्ष किए जाने की अनुशंसा करें।