बीकानेर-मुकेश पूनिया।
हम तुम एक कमरे में बंद हों और....
बॉबी फिल्म का रोमांटिक गाना...हम तुम इक कमरे मे बंद हो और चाबी खो जाये,इन दिनों कृषि विश्वविद्यालय के गलियारों  में खूब गूंज रहा है। विश्वविद्यालय की एक उम्र दराज प्रोफेसर साहिबा की ओर से पुलिस में दर्ज कराये गये गुड टच और बेड टच से जुड़े मामले बाद सुर्खियों में आये कृषि विश्वविद्यालय में इस रोमांटिक गाने की गूंज हद से कुछ ज्यादा सुनाई देने के बाद अलर्ट मोड में आये विश्वविद्यालय सिस्टम ने मामले को दबाने को लिये अपनी ताकत झोंक दी। हालांकि विश्वविद्यालय के वीसी सॉब नहीं चाहते थे कि यह मामला ज्यादा तूल पकड़े लेकिन पीडि़त प्रोफेसर साहिबा  ने पहले अपनी पीड़ा पुलिस और फिर मीडिया तक पहुंचा दी। इससे मामला ज्यादा तूल पकड़ गया और अब तो इस मामले की गर्माहट महामहिम के गलियारों तक पहुंच गई है। पता चला है कि विश्वविद्यालय से अपनी गरिमायी विदाई की तैयारी कर रहे वीसी सॉब इस मामले के कारण इतने खिन्न है बस पूछो मत,वैसे सच्चाई यह है कि इस मामले मेें गुड टच,बेड टच जैसा कुछ नहीं यूं बात का बतगंड़ बनाया गया है इसलिये फिलहाल सब खैरियत है
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छाया हुआ है मंत्रीजी का रूतबेदार भतीजा
प्रदेश की सता के गलियारों में इन दिनों मंत्री पुत्रों के किस्से खूब सुनाई दे रहे है,जबकि हमारे बीकानेर में एक मंत्री का भतीजा सुर्खियों में छाया हुआ है। मजे कि बात तो यह कि सरकार के ज्यादात्तर मंत्री और विधायक चिल्ला रहे कि नौकरशाह उनकी सुनवाई नहीं करते,मगर हमारे बीकानेर के भतीजे का इस कदर रूतबा है कि यहां के नौकरशाह उससे पूछे बिना कोई काम नहीं करते। इसका खुलासा करते हुए बीकानेर मेयर ने मीडिया के सामने सार्वजनिक तौर पर कहा कि नगर निगम के कमिश्नर सॉब,मंत्री के भतीजे से पूछा बिना किसी फाईल के हाथ नहीं लगाते। इधर नगर विकास न्यास के गलियारों में भी कुछ इसी तरह की चर्चाएं है कि न्यास सचिव भी मंत्री के भतीजे को खुश रखने में ज्यादा दिलचस्पी रखते है। इसके अलावा बीकानेर की पुलिस लॉबी में भतीजे के रूतबें से जुड़े किस्से आये दिन सामने आते है,लगातार सुर्खियों में आ रहे इस भतीजे के किस्सों से मंत्रीजी को लेकर कई तरह की आपत्तिजनक की बातें होने लगी है। मगर फिलहाल सब खैरियत है।
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एसीबी के निशाने पर सिस्टम के नामचीन!
प्रदेश में भीषण गर्मी जिस तरह रौद्र रूप दिखा रही है। उसी तर्ज पर  राजस्थान की टीम एसीबी भी भ्रष्टाचारियों पर कहर बरपा रही है। भ्रष्टो को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिये शानदार पारी खेल रही टीम एसीबी ने प्रदेश के कई बड़े नामधारी अफसरों के साथ उनके दलालों को सिस्टम से नपवा दिया। अब यह बात दूसरी है कि टीम एसीबी की धूंआधार कार्रवाई के बावजूद सिस्टम के भ्रष्टों का लालच कम नहीं हो रहा है । इस मामले में हमारा बीकानेर भी अछूता नहीं है,यहां भ्रष्टाचार की जड़ें राजनीतिक संरक्षण से लगातार गहराती जा रही है । बीकानेर के सिस्टम में कई अफसर और कार्मिक तो भ्रष्टाचार के मामले में नामचीन हो चुके है। ऐसे में टीम एसीबी ने अब यहां अपनी सतकर्ता बढ़ा दी और भ्रष्ट जमात के अफसरों कार्मिकों की कुण्डली खंगालनी शुरू कर दी है। फिलहाल सिस्टम के मलाईदार महकमें में सालों से जमे बैठे कुछ खास पर नजर टिका कर उनके दलालों को रडार पर ले रखा है। इस मामले में शुरूआत कौनसे मलाईदार महकमें से होगी इसे लेकर मंथन चल रहा,मगर फिलहाल सब खैरियत है।
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डिटेन हो गया शिक्षा विभाग का विभीषण
वैसे तो शिक्षा विभाग की वॉट लगाने वालों की कोई कमी नहीं है । शिक्षिक संगठनों के कई ऐसे नेता जो चारों प्रहर शिक्षा विभाग की उल्टी माला जपने में लगे रहते है। मगर अभी हाल ही में विभाग के शिक्षकों की फौज में शामिल एक ऐसा विभिषण डिटेन हुआ है,जो आरटीआई के हथियार से शिक्षा विभाग को तार तार करने में जुटा है। इस विभिषण ने पिछले दिनों चाइनीज एप से जुड़े विभागीय भूल के एक मामले को अपने आला अफसरों के ध्यान में लाये बगैर ही पुलिस केस दर्ज कर दिया। इसके बाद अलर्ट मोड़ में आये विभाग के आला अफसरों ने विभिषण की कुण्डली खंगाली तो बंदा ऐसा फितरती शिक्षक निकला,जो सालों से आरटीआई की आड़ में शिक्षा विभाग की वॉट लगाने में जुटा हुआ है। खासियत यह कि अपना नाम चमकाने के लिये बंदा किसी गैर के नाम से नहीं बल्कि खुद के नाम से आईटीआई लगाकर शिक्षा विभाग कब्र खोदने रहा है। इसकी समूची कुण्डली सामने आने के बाद विभाग के अफसरों ने अब इस पर विभागीय शिंकजा कसना शुरू कर दिया है। मगर फिलहाल सब खैरियत है।