सिरोही ब्यूरो रिपोर्ट।
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व सीएम वसुन्धरा राजे ने कहा है कि आज भी महिलाओं को आगे बढ़कर काम करने में जो परेशानियाँ आती है, वह किसी से छिपी नही है। उन्होंने कहा कि कोई सा भी फ़ील्ड हो, महिलाओं को संघर्ष के कठिन दौर से गुजरना पड़ता है। कहने को तो समाज में महिलाओं का बराबरी का दर्जा है लेकिन आज भी हमारी बहनों को आगे बढ़ने के उतने मौके नहीं मिल पाते, जितने मिलने चाहिए। इन हालातों में कोई दूसरा नहीं हम बहने ही बदलाव करेंगी। बस ज़रूरत है बहनो को अपनी आवाज बुलंद करने की। पूर्व सीएम राजे प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका जगदंबा सरस्वती के 57 वें स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में आबू रोड में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थी। पूर्व सीएम राजे ने कहा कि भले ही महिला सशक्तिकरण के कितने ही दावे किए जायें लेकिन आज भी सार्वजनिक जीवन में बहनों के लिए क़दम-क़दम पर अवरोध है।कदम-कदम पर ताने है।कदम-कदम पर अपमान है। उन्होंने मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व समस्त नारी जगत के लिए गौरव की बात है। क्योंकि उन्होंने मानव सेवा का काम उस समय हाथ में लिया। जिस समय महिलाओं का घर से निकलना भी बहुत कठिन था।हालाँकि महिलाओं की स्थिति आज भी उतनी सुदृढ़ नही है जितनी होनी चाहिये। पूर्व सीएम राजे ने कहा कि मैं पूरी तरह से भगवान पर आश्रित हूँ,वो भगवान,जिन्हें मैं मेरे राजस्थान के हर इंसान में पाती हूँ। उन्होंने कहा कि भगवान का स्मरण कर अच्छे कर्म किए जाओ,परिणाम अच्छे ही आयेंगे,फिर आप सबको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। कार्यक्रम में पूर्व सीएम राजे  का ब्रह्मा कुमारी की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राज योगिनी ब्रह्म कुमारी मुन्नी दीदी,ब्रह्मा कुमारी के कार्यकारी सचिव  डॉ.ब्रह्मा कुमारी मृत्युंजय,कुमारी सुचिता बहन और कुमारी कमलेश बहन ने स्वागत किया।पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी,पूर्व मंत्री यूनुस खान सांसद देव जी पटेल, विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत,जगसी राम कोली,समा गरासिया,पूर्व मंत्री ओटा राम देवासी मौजूद रहे।