धौलपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
धौलपुर ज़िला कार्यालय पर ज़िला कार्यसमित की बैठक ज़िला अध्यक्ष श्रवण कुमार वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। कार्य समिति बैठक का शुभारंभ वंदे मातरम और भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवम श्यामा प्रसाद मुखर्जी के छाया चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यसमिति की बैठक में प्रदेश संगठन की तरफ़ से सम्भाग प्रभारी प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, ज़िला संगठन प्रभारी पूर्व मंत्री जवाहर सिंह बेढम सम्मिलित हुए।कार्य समिति बैठक के प्रथम सत्र मे ज़िला अध्यक्ष श्रवण कुमार वर्मा द्वारा ज़िले में संगठन द्वारा किए गए कार्य और गतिविधियों का वृत सभी के सम्मुख रखा। श्रवण वर्मा ने कहा कि जिन विकट और विपरीत परिस्थितियों में संगठन का दायित्व सौंपा गया। उन परिस्थियो में संगठन को मजबूत बनना किसी चुनौती से कम नहीं था। कांग्रेस द्वारा चुन चुन कर भाजपा के कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा था। उन सभी चुनौतियों का सामना करते हुए आज़ धौलपुर में भारतीय जनता पार्टी का मजबूत और सशक्त संघठन सत्ता के काले कारनामों को जन आंदोलन, धरना,प्रदर्शन के द्वारा उजागर कर रहा है। किसान, गांव, गरीब ,मजदूर, व्यापारी और माता बहनों के हक और हुकूक की लड़ाई लड़ रहा है। प्रदेश नेतृत्व द्वारा दी जाने वाली हर गतिविधि को सुचारू रूप से संचालित कर रहा है। अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले चुनाव में ज़िले की चारों विधान सभा सीटों को जीत कर भाजपा को सत्ता में लाने का काम करेंगे। ज़िला महामंत्री पूर्व विधायक सुखराम कोली द्वारा ज़िले के वर्तमान परिदृश्य पर राजनितिक प्रस्ताव रखा गया। जिसका कार्य समिति बैठक में उपस्थिति समस्त पदाधिकरी और कार्यकर्ताओ ने समर्थन कर प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित किया। संबोधित करते हुए ज़िला संगठन प्रभारी जवाहर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26 मई, 2014 को जब पहली बार केंद्र की सत्ता संभाली थी तब देश निराशा के वातावरण से गुजर रहा था। भ्रष्टाचार चरम पर था। सामान्य जनमानस के मन में यह भाव था कि अब इस देश का कुछ नहीं हो सकता। आज यह गर्व की बात है कि मोदी सरकार में बीते आठ वर्षों में एक भी घोटाला नहीं हुआ। यह इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि नरेन्द्र मोदी ने संसद को लोकतंत्र का मंदिर माना और देश की देवतुल्य 135 करोड़ जनता के सामने प्रण लिया कि 'न खाऊंगा न खाने दूंगा।' मोदी सरकार के सामने विश्व गुरु भारत का लक्ष्य है। यह लक्ष्य जनभागीदारी से ही पूर्ण होगा। अब देश के सामान्य नागरिक की बुनियादी जरूरत सिर्फ रोटी, कपड़ा और मकान नहीं हो सकती। 21वीं सदी में इस सब से बढ़कर बेहतरीन कनेक्टिविटी, अच्छी शिक्षा, चिकित्सा सुविधा ,पीने का स्वच्छ जल,बिजली, इंटरनेट ,शौचालय , सुरक्षा,सम्मान और विकास में भागीदार बनने के नए अवसर चाहिए। इसी लक्ष्य को पाने के लिए 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के सोच को केंद्र में रखकर मोदी सरकार ने अपनी यात्रा को यहां तक लेकर पहुंचे हैं। सम्भाग प्रभारी कार्य समिति के मुख्य वक्ता मुकेश दाधीच ने कहा कि 2023 का चुनाव साधारण चुनाव नहीं होगा। यह चुनाव पूरी तरह से बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की ताकत और मेहनत से जीता जायेगा। चुुनाव परिणाम उसी के पक्ष मे आएगा जिसके पास बूथ स्तर का मजबूत कार्यकर्ता है। दाधीच ने ज़िले की राजनितिक स्थिति पर बोलते हुए कहा कि जो लोग यह सोचते हैं कि हमारे सिवाय कोई चुनाव नहीं जीत सकता, हमारे अलावा किसी को टिकट मिल ही नहीं सकता, जातिगत समीकरण हमारे अलावा किसी और के पक्ष मे है, ही नहीं वो कान खोलकर सुन ले भाजपा में उनके दिन लद चुके हैं। भाजपा के पास विकल्पों की कोई कमी नहीं है। हमारा साधारण से साधारण कार्यकर्ता जो जनता के बीच रहकर जनसेवा का कार्य करता है, हमारी विचारधारा का सिपाही है ऐसा समान्य युवा कार्यकर्ता हमारा प्रत्याशी होगा। आगे बोलते हुए दाधीच ने कहा कि यह सत्य है कि छोटी-छोटी बातों से बड़े बदलाव आते हैं। इसलिए मोदी सरकार ने सबसे पहले उन योजनाओं पर ध्यान दिया, जिन्होंने सामान्य जन के आत्मगौरव, आत्मविश्वास को बढ़ाया और उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा किया। देश के करोड़ों लोग ऐसे थे, जिन्होंने बैंक में प्रवेश तक नहीं किया था। ऐसे लोगों के लिए जनधन योजना चलाई गई। इस योजना के तहत लगभग 45 करोड़ देशवासियों को बैंक से जोड़ा गया। यह एक बड़ी उपलब्धि है। ऐसी ही उपलब्धि वाला है स्वच्छ भारत अभियान। इस अभियान के तहत देश में 11 करोड़ से अधिक शौचालय बने और देश के छह लाख से अधिक गांव शौच मुक्त हुए। उज्ज्वला योजना के तहत भी गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन मिला। देश की नौ करोड़ महिलाओं को परंपरागत चूल्हे के धुएं से आजादी मिली है। ऐसा पहली बार हुआ, जब भारत ने दुनिया के सैकड़ों देशों को सर्वे भवंतु सुखिन: की भावना से वैक्सीन दी और अपने देश में महामारी के खिलाफ सबसे कम समय में सौ प्रतिशत टीकाकरण का इतिहास बनाया। 370 को हटा कर 'एक राष्ट्र-एक संविधान-एक ध्वज' के सपने को पूरा किया गया। राम मंदिर के निर्माण जैसे सर्वाधिक विवादित माने जाने वाले विषय भी बड़ी सरलता से निपट गए। ज़िला कार्य समिति बैठक में प्रमुख रूप से पूर्व विधायक मनोरमा सिंह, पूर्व विधायक रानी कोली, ज़िला उपाध्यक्ष कमल पहाड़िया, ज़िला महामंत्री सत्येंद्र पराशर, ज़िला उपाध्यक्ष राजीव रस्तोगी, सुरेश कौशिक, नागेंद्र सिंह , जिला मंत्री विनय परमार, जितेंद्र तिवारी, विधान सभा प्रभारी प्रशांत परमार, सह प्रभारी जयवीर पोसवाल, डॉ मनोज शर्मा, किसान मोर्चा अध्यक्ष ब्रजराज सिंह परमार, पूर्व उपाध्यक्ष डॉ हेम सिंह लोधा,अल्प संख्यक मोर्चा अध्यक्ष सगीर खान, मंडल प्रभारी विजय त्यागी, युवा मोर्चा अध्यक्ष भूपेंद्र घुरैया, एससी मोर्चा अध्यक्ष विक्रम सिसोदिया, नेता प्रतिपक्ष कुक्कू शर्मा, मंडल अध्यक्ष, लाडली मोहन त्यागी, विजेंद्र सिंह लोधा, मधुसूदन शर्मा कार्यालय प्रभारी बृजमोहन शर्मा मंडल अध्यक्ष रामविलास बघेल ,जिला मंत्री रामप्रसाद बघेला नंदकिशोर शुक्ला, मिडिया प्रभारी मुकेश सक्सेना,,युवा महामंत्री राहुल जाट, मंडल महामंत्री के जी तिवारी, पूर्व युवा अध्यक्ष बॉबी परमार, रामभरोसी जाटव, प्रेम नारायण सोनी, कार्यक्रम और पंचायती राज प्रकोष्ठ संयोजक गोविंद शर्मा, महिला मोर्चा महामंत्री कल्पना शर्मा, उपाध्यक्ष रानू त्यागी, जिला मंत्री दया दुबे, पार्वती कुशवाहा, बलवीर सिंह परमार, विनोद शर्मा, मंडल अध्यक्ष मुस्ताक कुरेशी, महामंत्री अनीश खान, पार्षद अनिल धारिया, पार्षद राम शर्मा ,महेश चंद कोली ,रविंद्र कुमार, मंडल अध्यक्ष विशाल सिंह , हेम सिंह बघेला, सोशल मीडिया संयोजक रितिक वर्मा, रणवीर सिंह, पारस मुद्गल, सत्यपाल सिंह,सहित बड़ी संख्या में अपेक्षित पदाधिकारी मोजूद रहे।

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