जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
हरिदेव जाेशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति की योग्यता में बदलाव करने का विधेयक सरकार क्षविधानसभा में लाई थी, जिसे राज्यपाल कलराज मिश्र ने लाैटा दिया है। राजभवन ने यह कहकर विधेयक वापस भेज दिया है कि भिन्न-भिन्न नियामक संस्थाओं के प्रावधानों काे ध्यान में रखते हुए पुनर्परीक्षण कराया जाए। राज्यपाल के सचिव सुबीर कुमार ने विधेयक लौटाने की पुष्टि की है। इसके साथ ही अब तक गहलोत सरकार के तीन बिलों विधेयकों की राजभवन से वापसी हाे चुकी है। प्रदेश सरकार ने पत्रकारिता विश्वविद्यालय का विधेयक इसी विधानसभा सत्र के दौरान पेश किया था। इस विधेयक के तहत सार्वजनिक या निजी क्षेत्र में पत्रकारिता में 20 साल का अनुभव रखने वाले व्यक्ति भी पत्रकारिता यूनिवर्सिटी में कुलपति बन सकेंगे। अभी तक सभी यूनिवर्सिटीज में कुलपति बनने के लिए 10 साल का प्रोफेसर का अनुभव हाेना जरूरी है, लेकिन सरकार इसमें संशोधन करना चाहती है। कुलपति के ताैर पर ओम थानवी का कार्यकाल 8 मार्च काे खत्म हाे चुका है, इसके बाद लाॅ यूनिवर्सिटी के कुलपति डाॅ. देव स्वरूप काे कार्यवाहक कुलपति का चार्ज दिया था।