हनुमानगढ़-विश्वास कुमार।
मृतक विजय का शव शुक्रवार को सुबह कश्मीर से भगवान गांव पहुंचा जिसके बाद गांव के श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में विजय का अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने विजय को अंतिम विदाई दी वहीं कश्मीर में लगातार गैर कश्मीरियों की हत्या पर आक्रोश जताते हुए सरकार से आतंकियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी रखी। बेटे के शव को देखकर मां उससे लिपट गईं और बार बार यही कहती रहीं, 'देख, मैंने तुझे कहा था, नौकरी छोड़कर आजा, अपन कम कमा लेंगे, लेकिन तू नहीं माना।' वे कभी बहू को संभालतीं तो कभी बेटे की ओर देखकर खुद बेसुध हो जातीं ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने शव के पहुंचने से पहले ही अंतिम संस्कार की पूरी तैयारी कर रखी थी। इसके कुछ देर बाद ही अंतिम यात्रा शुरू हुई और सवेरे करीब नौ बजे विजय कुमार का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अंतिम संस्कार में उमड़ा पूरा गांव।
विजय की हत्या के बाद पूरे गांव में गुस्सा है। गुरुवार को जब से यह दुखद खबर आई थी तब से ही गांव के किसी घर में चूल्हा नहीं जला। लोग विजय के घर आते-जाते रहे। यहां तक कि रात को भी कई लोग अपने घर नहीं गए। सवेरे जैसे ही शव गांव में पहुंचा। पूरा गांव अंतिम यात्रा में उमड़ पड़ा। गौरतलब है कि बैंक मैनेजर विजय की कल आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
दो दिन पहले जताई थी चिंता।
विजय कुमार की पत्नी ने घर वालों को बताया कि दो दिन पहले वहां एक टीचर की हत्या के बाद से ही विजय कुमार भी चिंतित थे और कह रहे थे कि यहां हालात खराब होते जा रहे हैं। हमें चलना चाहिए। हम कुछ निर्णय ले पाते, उससे पहले ही आतंकियों ने उनकी हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि वे रोज की तरह बैंक गए थे। कहकर गए थे कि चिंता मत करना। शाम को वक्त पर आ जाऊंगा। दिन में भी कई बार फोन करके बात करते रहते थे, लेकिन इस घटना ने सब कुछ छीन लिया।

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