जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान के कांग्रेस विधायकों को उदयपुर भेज दिया गया है। लेकिन बसपा से कांग्रेस में आए मंत्री राजेंद्र गुढ़ा समेत 3 विधायक राजधानी में ही हैं। इन विधायकों में से केवल एक दीपचंद खैरिया उदयपुर गए हैं। मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने स्वीकार किया है कि वो नाराज हैं। उन्होंने कहा कि ये बात बिल्कुल ठीक है कि हमारे साथियों को जो सम्मान मिलना चाहिए था वो नहीं मिला और इस बात से ही हमें दिक्कत है। उन्होंने प्रदेश प्रभारी अजय माकन के कमिटमेंट को भी याद किया। कहा जो उन्होंने कमिटमेंट किया वो अब तक निभाया नहीं गया। अब भी वो सुप्रीम कोर्ट के केस झेल रहे हैं। हमारी सदस्यता जाएगी या रहेगी यह भी पता नहीं लेकिन हम इन बातों की परवाह नहीं करते और अपने क्षेत्र की जनता के भले के लिए सरकार के साथ हैं।
गहलोत बोलते ज्यादा हैं।
मंत्री गुढ़ा से जब पूछा गया कि गहलोत अकसर बसपा के साथियों का आभार जताते हैं। कहते हैं की बसपा के साथियों ने हमारी सरकार बचाई। इस पर मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कुछ ऐसा कहा जो उनकी सख्त नाराजगी को जाहिर करता है। बोले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बोलते बहुत ज्यादा है कि ये किया वो किया लेकिन वो केवल मीडिया में बोलते हैं इसके बजाए अगर वो हमारे साथ बैठकर चिंता करते तो ज्यादा बेहतर होता।
उदयपुर में बाड़ाबंदी ठीक नहीं।
उदयपुर में बाड़ेबंदी को लेकर भी राजेंद्र गुढ़ा ने तल्ख राय रखी। कहा कि उदयपुर भले ही घूमने के लिए अच्छी जगह हो सकती है लेकिन वो बंद होने के लिए अच्छी जगह नहीं है। बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए साथी दीपचंद खैरिया से भी खफा दिखे. बोले- दीपचंद खैरिया की उम्र 80 साल से ज्यादा हो चुकी है। बच्चे और उम्र दराज लोगों का मन एक सा होता है उन्हें होटल में जाकर खुशी होती है इसलिए दीपचंद खैरिया होटल में चले गए।

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