जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायक वाजिब अली को लेकर कहा जा रहा है कि वह सरकार को समर्थन देने के बावजूद कोई पद नहीं मिलने से नाराज हैं। वैसे भी अफसरशाही पर वाजिब अली लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं। आज एक बार फिर उन्होंने सरकार को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अफसरशाही में कमजोरी के चलते सरकार जनता तक जो जन कल्याणकारी योजनाएं पहुंचाना चाहती है, वह सही से नहीं पहुंचा पा रही है। उन्होंने खुद अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि हमारे क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी और अवैध खनन की बहुत शिकायतें थीं। यहां तक कि मैंने खुद मुख्यमंत्री को इसे लेकर पत्र लिखा लेकिन पता नहीं वह चीजें कहां चली जाती हैं। वहीं खुद को कोई पद नहीं दिए जाने पर वाजिब अली ने व्यंग कसते हुए कहा कि पद देने वालों की भी नजरें बहुत बड़ी होती हैं। उन्हें पार्टी में संतुलन बनाना पड़ता है। जो उन्हें योग्य लगे उनको एडजस्ट कर दिया गया। हम तो जनता के ट्रस्टी हैं और जनता के लिए काम कर रहे हैं और यही हमारा कर्तव्य है। उदयपुर की बाड़ेबंदी से दूरी बनाए जाने के सवाल पर वाजिब अली ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो बाडे़बंदी में चले जाएंगे लेकिन वोट तो 10 तारीख को डालना है। वह कहीं से भी डाल देंगे उसमें तो कोई दिक्कत नहीं। उधर, ईडी के नोटिस को लेकर वाजिब अली ने कहा कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है। उनका तो व्यापार ही ऑस्ट्रेलिया में है फिर भी अगर कोई एजेंसी मुझसे कोई बात पूछेगी तो मैं सम्मान के साथ उन्हें पूरी जानकारी दूंगा।