जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजधानी जयपुर के चाकसू प्रधान और विकास अधिकारी के टकराव के बाद चाकसू विकास अधिकारी कृष्णा माहेश्वरी का तबादला कर दिया गया है। कृष्णा माहेश्वरी का चाकसू बीडीओ से पंचायतीराज विभाग में सहायक आयुक्त के पद पर तबादला कर दिया गया है। जिला परिषद की बैठक में 1 जून को दोनों के बीच विवाद हो गया था। बीडीओ कृष्णा माहेश्वरी और प्रधान ने एक दूसरे पर आरोप लगाए थे। आरोपों के बाद बीडीओ कृष्णा माहेश्वरी सदन में फूट-फूट कर रोने लगी थी और प्रधान पति पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। बीडीओ ने सदन में अपना ट्रांसफर कराने की गुहार भी लगाई थी। चाकसू प्रधान उगंता देवी ने भी बीडीओ पर कई तरह के आरोप लगाए थे। प्रधान ने कहा था कि बीडीओ ने मेयर सौम्या गुर्जर की जैसे घर बैठाने की धमकी दी थी। वह पंचायत समिति में विकास कार्यो की जानकारी नहीं देती हैं। आरोप लगाया कि खुलेआम बीडीओ कृष्णा माहेश्वरी पद का दुरूपयोग कर प्रधान के अधिकारों का हनन कर रही हैं। उनको विकास कार्यो पर चर्चा के लिए बुलाया जाता हैं तो वह आती नहीं हैं। दूसरी ओर इस प्रकरण की जांच के लिए जिला कलक्टर के निर्देश पर जांच कमेटी का गठन कर दिया गया हैं। जिला कलक्टर राजन विशाल के निर्देश पर सीईओ जिला परिषद ने जांच शुरू कर दी है। चाकसू विकास अधिकारी कृष्णा माहेश्वरी के समर्थन में राजस्थान ग्रामीण विकास सेवा संघ उतर आया है। संघ के अध्यक्ष ताराचंद ने कहा कि जिला परिषद की बोर्ड बैठक में बीडीओ के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उसकी संघ निंदा करता है। एक तरफ सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती हैं और दूसरी तरफ महिला अधिकारियों से इस तरह का दुर्व्यवहार किया जाता है। महिला जनप्रतिनिधियों से ज्यादा इनके रिश्तेदारों का सरकारी कामकाज में दखल रहता हैं। वे अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। इसलिए अधिकारियों को काम करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।