जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
कांग्रेसी विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त से संबंधित दो साल पुराने मामले में वॉयस सेम्पल लेने के संबंध में अधीनस्थ न्यायालय से जारी नोटिस भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने दिल्ली में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को तामील करा दिया। नोटिस तामील नहीं होने को लेकर पिछले दिनों एक बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पर तंज कसा था। इसके बाद ब्यूरो ने विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त मामले में अनुसंधान अधिकारी भी बदल दिया था। इस मामले में ब्यूरो ने करीब एक साल पहले जयपुर महानगर के अधीनस्थ न्यायालय से केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का वॉयस सेम्पल लेने की अनुमति देने का आग्रह किया था। ब्यूरो के अनुसंधान अधिकारी ने न्यायालय को बताया था कि आरोपी संजय जैन ने पूछताछ के समय एक आॅडियो में स्वयं के साथ गजेन्द्र सिंह केन्द्रीय मंत्री की बातचीत व आवाज होना स्वीकार किया था। इस तथ्य का हवाला देकर अनुसंधान अधिकारी ने गजेन्द्र सिंह की आवाज का नमूना लेने की आवश्यकता जाहिर की थी।महानगर मजिस्ट्रेट न्यायालय ने वॉयस सेम्पल लेने का आदेश देने से इनकार कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ रिवीजन प्रार्थना पत्र पेश होने पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने अनुसंधान अधिकारी के आग्रह पर केन्द्रीय मंत्री का पक्ष जानने के लिए नोटिस के जरिए जवाब मांगने का आदेश दिया। इस पर ब्यूरो के अनुसंधान अधिकारी ने अब केन्द्रीय मंत्री सिंह को नोटिस तामील कराया है।
2020 में दर्ज हुआ था मामला।
विधानसभा में तत्कालीन सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त के मामले में 10 जून 2020 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत दी थी। इस पर ब्यूरो ने 17 जुलाई 2020 को मामला दर्ज किया।

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