जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
बसेड़ी से कांग्रेस विधायक और राजस्थान अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष खिलाड़ी लाल बैरवा ने कहा कि आपको पता है राजनीतिक संकट के वक्त कौन कौन लोग बाड़ेबंदी में थे, वे अब चुनाव लड़ने आए हुए हैं। तीन में से एक भी उम्मीदवार राजस्थान का होता तो अच्छा लगता। कुछ लोग बोल नहीं पा रहे, लेकिन टीस सबके मन में है। हम गुलाम तो हैं नहीं, पार्टी के सिपाही हैं। हमारा भी सम्मान होना चाहिए। ऐसे हमारी आजादी खत्म नहीं हो सकती। बैरवा ने कहा कि राजनीतिक संकट के एक साल बाद तक किसी ने नहीं पूछा कि आपका हाल क्या है ? मंत्रिमंडल फेरबदल लंबा खींचा और जो लोग पहले मंत्री थे उन्हें ही पदोन्नत करके आगे भेज दिया, बाकी विधायकों का क्या दोष था ? दिक्कत यह है कि हम लोगों के साथ न्याय नहीं हुआ, वादे पूरे नहीं हुए हमें इसकी पीड़ा है। बैरवा ने कहा कि हमने टिकट कटने के बावजूद भी कांग्रेस नहीं छोड़ी, बड़े बड़े नेता एक दिन भी सत्ता नहीं मिलने पर दूसरी पार्टियों में चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पीड़ा मेरी अकेले की नहीं, बहुत लोगों की पीड़ा हैं। कुछ लोग बोल नहीं पाते बस इतनी सी बात है।बेरवा ने कहा कि अनुसूचित जाति के चार मंत्री बनाकर किस बात की वाहवाही लूट रहे हैं, मंत्रियों की हैसियत क्या है ? सब एससी एसटी की बात ही करते हैं। जब तक स्वतंत्र लोगों को मंत्री नहीं बनाया जाएगा कोई फायदा नहीं होने वाला है।